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शास्त्र आवेदक कर रहे हैं थाने की गणेश परिक्रमा

■ वरासत कराने के चक्कर में आवेदकों की घिस गई एड़ीया

रतनपुरा/मऊ। पूरे प्रखंड में इन दिनों शस्त्र आवेदक काफी परेशान हैं ,इन शस्त्र आवेदकों में अभिभावक की मौत के बाद वरासत के लिए दौड़ रहे शस्त्र आवेदकों को इन दिनों घोर दूश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। वरासत के चक्कर में थाने का चक्कर काटते- काटते आवेदकों के जूते घिस गए। परंतु थाने के मुहर्रिर को इस से कोई बावास्ता नहीं है ,लोग परेशान हैं। इन आवेदकों को थाने पर तैनात शस्त्र पत्रावली का कार्य देख रहे मोहर्रिर बार-बार दौड़ाते हैं, किस्तों में कागजात की मांग करते हैं। जिसे आवेदन को 4 से 5 बार दौड़ -दौड़ कर के अपने कागजात  देने पड़ते हैं।

पता चला है कि वरासत के चक्कर में थाने की गणेश परिक्रमा कर रहे  शास्त्र आवेदकों में विजय कुमार पांडे पुत्र श्री राजेंद्र पांडे हलधर पुर थाना क्षेत्र के बिलौझा ग्राम पंचायत निवासी हैं । इनके ससुर का निधन हो चुका है ,और इन्होंने वरासत के लिए अपना आवेदन कर रखा है ,वहीं दूसरी तरफ हलधरपुर थाना क्षेत्र के मुबारकपुर ग्राम पंचायत निवासिनी पूनम सिंह पत्नी लक्ष्मण सिंह ने भी अपने ससुर की मौत के बाद शास्त्र के लिए आवेदन कर रखा है तीसरे आवेदक अशोक कुमार गुप्ता पुत्र स्वर्गीय रामवृक्ष प्रसाद रतनपुरा कस्बा के निवासी हैं ,इनके पिता रामवृक्ष प्रसाद का निधन हो चुका है, दोनाली बंदूक है ,जिसके लिए सेवानिवृत्त फौजी अशोक कुमार गुप्ता ने वरासत के लिए शस्त्र हेतु आवेदन किया है! इन सभी को थाने पर बार-बार दौड़ाया जा रहा है! और एक भी पत्रावली पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेजी नहीं गई ।पूनम सिंह  कि  शस्त्र पत्रावली थाने से  तीन तीन बार  पुलिस अधीक्षक कार्यालय को प्रेषित किया गया परंतु आधे अधूरे होने के नाते पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पत्रावली पुन थाने को वापस कर दी। इस तरह की कार्यप्रणाली से एक मोहरिर के पटल का कार्य देख रहे  इस कर्मचारी की कार्य प्रणाली पर सवाल उठना लाजमी हो गया है ! यही नहीं ऊंची पहुंच रखने वालों की फाइलें हैं तत्काल निपटा दी जा रही है पिछले दिनों एक मंत्री के फोन पर मुबारकपुर ग्राम पंचायत निवासी एक आवेदक की फाइल तत्काल आख्या लगा कर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजी गई। क्योंकि उसकी पहुंच ऊपर तक थी ,अब नए कप्तान के आने से थाने के कार्य प्रणाली में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अब देखना यह है कि हलधपुर थाने में बेवजह  लटकायी गई शस्त्र पत्रावली को कब तक समुचित  आख्या लगाकर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय को प्रेषित की जाती है। परंतु इस में लापरवाही बरतने वाले  हेड मुहर्रिर के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। शस्त्र आवेदकों को मौके पर ही या बताया जाना चाहिए कि उनकी आख्या प्रेषित करने के वाजिब कारण मौजूद हैं या नहीं ? तथा हर आवेदक को यह सूचना भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए कि किसी भी थाने में शस्त्र आवेदकों की पत्रावली कितने दिनों तक थाने में लंबित रह सकती हैं।

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