रतनपुरा रेलवे क्रोसिंग पर हुआ भीषण हादसा, वाहन का भीषण नुकसान, बाल-बाल बचे लोग
मऊ। बीती रात 11 बजे रतनपुरा रेलवे क्रासिंग के पास क़ैसर टेक्सटाइल्स वालों की गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। गाड़ी में कुल 6 लोग सवार थे। टाटा कंपनी की नई गाड़ी टाटा हैरियर कल ही शो रूम से आई थी। शुक्रवार को जियाउल हसन के इकलौते बेटे अपने 5 दोस्तों के साथ बलिया से अपने किसी रिश्तेदार से मिलकर वापस आरहे थे।
रतनपुरा, फेफना रेलवे क्रोसिंग के पास मोड़ पर गाड़ी बेकाबू होगई और मऊ की तरफ से आरही एक ट्रक के पहिये से टकरा गयीं। गाड़ी की स्पीड बताते हैं के 100 से अधिक थी और वहां मोड़ खतरनाक है जिसकी वजह से गाड़ी बेक़ाबु होकर ट्रक के पहिये से टकरा गई।
अगर ट्रक से न टकराती तो गाड़ी न जाने गड्ढे में कहा होती। लेकिन भगवान का शुक्र है कि गाड़ी का बायां कोना ट्रक के पहिये से टकराया जिससे झटके को रबर का स्पोर्ट मिलगया। मौके पर चश्मदीदों ने बताया कि गाड़ी की टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का बायां टायर ब्लास्ट कर गया और इस गाड़ी का भी पिछला टायर फट गया है।
गाड़ी का दोनों एयर बैग फौरन खुला जिससे आगे की सीट पर बैठे लोग महफूज़ रह गए। पीछे जो 4 लोग बैठे थे उनको भी मामूली चोट आई है, जिनका इस वक्त सुलेमान हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
मौके पर पंहुचे पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल के छोटे भाई फैसल और मकसूद फारान ने जो गाड़ी की तस्वीर भेजी है उसे हादसे की गम्भीरता को समझ जा सकता है।
वहां रेलवे क्रासिंग पर सड़क का मोड़ बहुत खतरनाक है, कुछ दिन पहले फैसल और उसके दोस्तों का भी हादसा हो चुका है, उनकी गाड़ी सड़क की नीचे खाई में गिर पड़ी थी।
अरशद जमाल का कहना है कि कुल मिलाकर गाड़ी को कम स्पीड में चलाना चाहिये, हालांकि हादसा तो किसी भी भी वक्त हो सकता है। खुदा का करम है कि सब खैरियत से घर पंहुच गए है। डॉक्टर अख्तर हसन साहब ने फौरी घायलों का इलाज किया।

