आंगनबाड़ी केन्द्रों में लगा सुपोषण स्वाथ्य मेला
■ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी दी
मऊ। पोषण अभियान के विभिन्न घटकों में से एक महत्वपूर्ण घटक व्यवहार संचार परिवर्तन करना है। वहीं शासन के निर्देश पर पोषण के मुद्दे पर समाज में जागरूकता लाने के लिए समुदाय आधारित गतिविधियों का आंगनवाड़ी केंद्र स्तर पर संचालन किया जाना है। इसी के तहत माह के प्रथम बुधवार को जनपद के परदहां और कोपागंज ब्लाक के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सुपोषण स्वाथ्य मेला का आयोजन किया गया। इस मेले में गर्भवती एवं धात्री व अन्य महिलओं के बीच गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें नवजात बच्चों के वज़न और अन्य परीक्षण कर उनकी माताओं को स्वास्थ्य एवं पोषण संबन्धित जानकारियाँ दी गईं।
मुख्य सेविका गीता तिवारी ने बताया सुपोषण स्वाथ्य मेले में गर्भवती महिलाओं को गोष्ठी कर के जानकारी दी गयी और बताया गया कि गर्भावस्था मे पौष्टिक आहार का सेवन पर्याप्त मात्रा मे करना आवश्यक है, पेट में पल रहे बच्चे का विकास माता के आहार पर निर्भर होता है। गर्भधारण करने वाली महिला को ऐसा आहार करना चाहिए जो उसके गर्भस्थ शिशु के पोषण की आवश्यकताओं को पूरा कर सके। रोज कैलोरीज वाला भोजन लेना चाहिए, विविध विटामिन, मिनिरल्स, आयरन जिसमें अधिक मात्रा में हो। गर्भवती महिला को आहार मे प्रतिदिन 60 से 70 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए, आयोडीन युक्त नमक व् कैल्शियम भी हो। ये प्रोटीन दूध और दूध से बने व्यंजनों में मूंगफली, पनीर, चीज़, काजू, बादाम, दलहन, मांस, मछली, अंडे आदि में होते हैं जिसे सुविधानुसार लिया जा सकता है।
वही कोपागंज ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र शहरोज में आयोजित किए गए सुपोषण स्वाथ्य मेला के अंतर्गत एएनएम तारा राय ने बताया कि इस मेले का उद्देश्य नवजात बच्चों में छः माह तक सिर्फ स्तनपान के साथ उनकी देखभाल से संबन्धित जनजागरूकता बढ़ाना है। इसके साथ ही एएनएम अर्चना राय, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजू राय, नंदनी राय, माधुरी देवी, सुमन प्रजापति, विमला देवी, निधि राय एवं आशा कार्यकर्ता वीना राय ,सुनीता, कुमा देवी, फूल कुमारी व पोषण सखियों ने शहरोज गाँव में बच्चों का वजन लिया।

