अपना जिलाखास-मेहमानचर्चा में

सेना को इतना मत रोको, की सैनिक बागी हो जायें : विनीत सिंह चौहान

■ तुझे पाना अभी बाकी है और खोने से डरती हूँ  : डा सरिता शर्मा

■ गोठा बाजार में साहित्य परिषद गोठा के तत्वावधान में आयोजित आल इंडिया कवि सम्मेलन मुशायरे में बही काव्य की धारा

■ हास्य व्यंग्य ओज व श्रृंगार रस में पुरी रात डुबे रहे श्रोता

दोहरीघाट । साहित्य परिषद गोठा के तत्वावधान में गोठा बाजार में आयोजित आल इंडिया कवि सम्मेलन मुशायरे में जहाँ साहित्यिक चेतना के राष्ट भक्ति हिलोरे ले रही थी वही पुरी रात जहाँ ठहाको व गम्भीर चिन्तन व श्रृंगार रस की अंतिम पराकाष्ठा व देशभक्ति के जज्बे में कवियों ने सबको पुरी रात बांधे रखा ।
कविसम्मेलन का शुभारम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दिप प्रज्जवलन मुख्य अतिथि जिलापंचायत अध्यक्ष आलोक जायसवाल , विशिष्ट अतिथि डा गोपाल कृष्ण राय डी एम कार्डियो व विधायक उमेशचन्द पाण्डेय, बेल्थरा रोड नगर चेयरमैन दिनेश कुमार गुप्त, सपा, बसपा गठबंधन प्रत्याशी अतुल राय के द्वारा किया गया। वही कवि दिनेश उपाध्याय की पुस्तक मधुर बचन के तीर का लोकार्पण भी किया गया । इसके बाद कार्यक्रम को गति प्रदान करते हुए कवि सम्मेलन मुशायरे का संचालन कर रहे बाराबंकी से पधारे रामकिशोर तिवारी ने मां वीणापाणि की वन्दना के लिये दिल्ली से पधारी हिन्दी की प्रख्यात कवयित्री डा सुमन शर्मा को आवाज जहाँ सुर साधते हुए डा शर्मा ने पढ़ा कि ,सुर संधान तुम्हीं गीत विधान तुम्हीं ,सुद्धि बुद्धि की तुमही प्रदाता ,नुतन ज्ञान तुम्हीं दो वरदान तुम्ही , सुनाकर माँ सरस्वती को नमन किया। फिर इसके बाद संचालक ने घोसी के शायर अबरार घोसवी को आवाज जिसने पढ़ा, ये है मेरा हिन्दुस्तान ये है मेरा हिन्दुस्तान सुनाकर देश की एकता अखंडता का नमूना पेश किया ।संचालन ने कार्यक्रम को गीतों की गंगा में स्नान कराने के लिये बाराबंकी के गीतकार गजेन्द्र सिंह प्रियांशु को आवाज दी जिसने पुरूष की विवशता के साथ प्रतिक गीत पेश करते हुए पढ़ा कि ,लक्ष्य हम पर सधे थे से रह गये ,हाथ पहले बंधे थे बंधे रह गये ,एक आई लहर तुम हुए मंत्री ,हम गधे थे गधे के गधे रह गये ,सुनाकर सबको ठहाका लगाने पर मजबूर कर दिया तथा वही श्रोताओं की नब्ज भी टटोलते हुए पढ़ा कि ,इतने निर्मोही कैसे सजन हो गये जाके बाहों में किसके मगन हो गये ,सुनाकर खुब वाहवाही लूटी। फिर संचालन ने ओज के सशक्त हस्ताक्षर राजस्थान विनीत सिंह चौहान को आवाज दी तालियों के गडगडाहट के बीच पढ़ा कि ,इतना खुन नही छिड़को कि मौसम फागी हो जाये ,सेना को इतना मत रोको सैनिक बागी हो जायें ,इनको खुली छुटदे दो दुश्मन को खंजर भोंके,और पड़ोसी की झोली में गद्दारों के सिर ठोके,जोश भरती उनकी कविता जहाँ आग उगल रही थी वही आगे पढा कि ,किसकी खुन नही खौलेगा पढ सुनकर अखबारों में ,शेरों की गर्दन कटवा दी कुत्तों के दरबारों में ,सुनाया तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गुंज उठा। वही भारत माता के जयकारे से लोगों ने उनका अभिनन्दन किया ।फिर संचालन ने कवयित्री डा सरिता शर्मा को आवाज दी श्रृंगार रस में डुबोते हुए पढ़ी कि ,मैं तन्हाई में तुनसे जुदा होने से डरती हूँ ,अभी पाना तुम्हें बाकी है और खोने से डरती हूँ ,सुनाकर पुरी महफिल लूटते हुए पढ़ा ,अब तो हद से गुजर के देखेंगे ,कुछ नया काम कर के देखेंगे ,जिनकी बाहों में जी नही पाये उनकी बाँहो में मर के देखेंगे ,सुनाकर खुब वाहवाही लूटी उसके लाफ्टर चैलेंज के हास्य व्यंग्य के भामाशाह मध्य प्रदेश से पधारे तेज नरायन शर्मा जी ने मोदी जी पर व्यंग्य कसते हुए पढ़ा ,कि नासा के वैज्ञानिकों ने अपनी मिसाइलें देकर मोदी जी से कहा कि इन्हें अंतरिक्ष में स्थापित कर दो, सुना है आप बहुत ऊंची छोड़ते हैं, सुनाकर सबकी हंसा हंसा कर लोट पोट कर दिया मिर्जापुर से पधारे शायर डा शाद मसर्खी ने कलाम पेश करते हुए पढ़ा कि ,मुझसे रूठे है क्यों ये बताते नहीं ,अब मुझे देखकर मुस्कुराते नहीं ,मैने अपनी जिन्हें जिन्दगी सौंप दी, उनका मै कौन हूँ ये बताते नहीं ,गजल सुनाकर सबके दिल की गहराइयों में उतर गये। फिर संचालन ने हास्य के पटाखा इलाहाबाद से पधारे विहारी लाल अंबर ने लोगों को अपना हास्य सुनाते हुए पढ़ा कि, हमारे देश की पुलिस बहुत अच्छी है सौ नम्बर डायल करो तो चली आती है ,और सौ रूपये दे दो तो चली जाती है ,सुनाकर हंसा हंसा कर लोगों को  खूब ठहाका लगवाया। फिर संचालक ने खुद माइक संभालते हुए महाराणा प्रताप की कविता सुनाकरखुब वाहवाही लूटी कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गोठा के कवि दिनेश उपाध्याय ने दोहा सुनाते हुए पढ़ा कि ,रात दिवस पीड़ा सही,ढोई है नव मास ,वही मांस का लोधड़ा देता है बनवास ,सुनाकर एक मां के दर्द को उकेरा इसके गोरखपुर से पधारे प्रदीप मिश्रा समेत आदि कवियों ने पुरी रात श्रोताओं को बांधे रखा अन्त में परिषद के संयोजक वीरेन्द्र उपाध्याय ने सभी कवियों अतिथियो का आभार व्यक्त करते कार्यक्रम को अगले वर्ष के लिये स्थगित करने की घोषणा करते हुए सबके प्रति आभार जताया। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष झारखण्डेय राय, अधिवक्ता हरिद्वार राय, प्रबंधक पूर्व प्रधान विजेन्द्र राय, विपिन अजीत राय क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेश राय, श्यामसुन्दर मौर्य, अरूण राय, जयकृष्ण राय, अनिल गुप्त समेत आदि पदाधिकारियों ने सभी आगन्तुकों को बैठाने व उन्हें यथोचित स्थान देने में लगे रहे ।

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