श्रेयांश और प्रियांश साथ आए थे और ऐसा रामराज्य देख कर साथ ही चले गए
(अमित चतुर्वेदी)
6 साल के जुड़वाँ भाई श्रेयांश और प्रियांश जब पैदा हुए होंगे तो उनके माता पिता दादा दादी नाना नानी कितने ख़ुश हुए होंगे। कितनी मिठाइयाँ बाँटीं होंगी कितने दिनों तक जश्न मनाया होगा, और कितने अरमान पाले होंगे अपने जिगर के टुकड़ों के लिए।लेकिन उन्हें कहाँ पता होगा कि एक दिन सब मिट्टी में मिल जाने वाला है, उन्हें क्या पता था कि रामराज्य का सपना दिखाने वाला एक दरिंदा उनके लव कुश जैसे नन्हें मुन्नों का वो हाल करने वाला है कि उनकी पूरी ज़िंदगी बर्बाद हो जाएगी।
चित्रकूट में अभी 11 दिन पहले इन दोनों बच्चों का अपहरण हुआ। अपहरण कर्ताओं ने दो करोड़ फिरौती माँगी, व्यवसाई पिता ने पहली किश्त मे 20 लाख दे भी दिए, फिर ऐसी ख़बर आई कि परिवार क्या, हर उस इंसान का दिल दुःख गया जिसके अंदर ज़रा सी भी मानवता बची हो। दोनों बच्चों का ज़ंजीर से बँधा शव यूपी के बाँदा में यमुना नदी में बरामद हुआ।
पुलिस ने जिन आरोपी को पकड़ा है उसका नाम है रमाकान्त शुक्ला, आरोपी के पास से दो गाड़ियाँ बरामद हुई हैं जिनमें से एक पर एक राजनैतिक पार्टी का झंडा लगा है और दूसरी गाड़ी पर लिखा है, “रामराज्य”
पूरा चित्रकूट जल रहा है, लोग आक्रोशित और आंदोलित हैं, सोच रहे होंगे कि जिस चित्रकूट की धरती पर राम ने वर्षों बिताए थे, आज उसी धरती पर राम का नाम लेने वाले उनका राज लाने का सपना दिखाने वाले कैसे रावण रहने लगे 😢
विनती: ऐसे दरिंदे किसी भी party में हो सकते हैं, पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं का दायित्व है कि ऐसी आपराधिक प्रवत्ति के नेताओं को अपनी पार्टी में कभी प्रश्रय न दें, कल को उनकी आपराधिक प्रवत्ति किसके लिए घातक बन जाए किसने देखा है।
(लेखक मध्यप्रदेश में वरिष्ठ पत्रकार हैं)

