अपना जिला

मौत के साएं में लोग गुजार रहे एक-एक दिन की जिंदगी

(मु. अशरफ)

■ सड़के विरान हैं, इंसान की जगह सिर्फ जानवर ही सड़को पर टहलते हुए दिखाई दे रहे हैं

■ न जाने कब आ जाए मौत का वायरस

■ कोरोना को भगाना है तो घरो मेें रहेना होगा कैद

■ ज्यादा से ज्यादा संयम और सावधानी बरतने की है जरुरत है

मऊ। कोरोना…अब बस भी करो ना। अपनी खिड़की से खाली मैदानों को लालच भरी निगाहों से झांकता एक बच्चा असंयमित हो कर बोला। पूरे विश्व में एक महामारी के रुप में उभरी नॉवेल कोरोना वायरस जैसी घातक बीमारी ने विश्व के डेढ़ सौ से अधिक मुल्को को हिलाकर रख दिया है। नॉवेल कोरोना की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई। आधिकारिक आंकड़ों के हिसाब से वहां लगभग 3500 लोगों की जान इस वायरस की बली चढ़ गई। असल आंकडे कहीं ज्यादा होने के भी कयास लगाये जा रहे हैं। धीरे-धीरे इस वायरस ने अन्य देशों में पांव पसारना शुरू किया, जहां ये बर्बरता वो क्रूरता के नये आयाम तक जा पहुंचा। सबसे ज्यादा तबाही इसने इटली में मचाई जहां इसने लगभग 1000 जिंदगियों की इह लीला समाप्त कर दी। इस वायरस का अभी तक कोई एंटीडोट नहीं बन पाया है। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इस घातक बीमारी का इलाज के लिए दवाईयों की खोज लगातार कर रहे हैं। कोरोना के खौफ देश की जनता में इस कदर समा गया है कि लोग अब एक दूसरे से नजदीक आने से भी कतरा रहे हैं। भारत में कोरोना वायरस की महामारी आने से पीएम द्वारा देश की जनता को सुरक्षित रखने के लिए 21 दिनों तक लाॅकडाउन करने का आदेश दे दिया। लाॅकडाउन होते ही जिला प्रशासन ने सख्ती के साथ लोगों को सड़को पर घूमने या घर से बाहर न निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दिया है, जो जहां है वह वहीं पड़ा है। कोरोना के भय से लोग अपने घरो से बाहर नहीं निकल रहे हैं और लोग मौत के साएं में अपनी एक-एक दिन की जिंदगी गुजार रहे हैं कि न जाने कब आ जाए मौत का वायरस। बाहर न निकलने से लोगों का अब दम घूटता जा रहा है। लोगों का कहना कि प्राकृति ने अपना रुप ऐसा दिखाया है कि घरों से बाहर निकलना और एक दूसरे से मिलना भी मुश्किल हो गया है। इतना ही नहीं कोरोना ने बड़े शहरो से भी भारी संख्या में दिहाड़ी मजदूरों को पलायन करने पर मजबूर कर दिया है। कोरोना के खौफ से शहर गांव की ओर पलायन कर रहे दिहाड़ी मजदूर कई सौ किलो मीटर दूर की लम्बी सफर तय कर पैदल किसी तरह से लड़खड़ाते हुए अपने गांव व मंजिल तक पहुंच रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरों का पलायन लगातार जारी है। हालांकि मऊ जनपद में किसी भी तरह का कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला हैं। अगर अब भी इस महामारी को नहीं समझे तो वह दिन दूर नहीं जब इस वायरस देश की जनता को अपनी आगोश में ले लेगा और न कोई भी साइंटिस इस घातक बीमारी को नहीं रोक पायेगा। इसलिए आप लोग सतर्कता बरते और एक दूसरे से दूरी बनाकर रहे, जिससे कोरोना के जंग से लड़ा जा सके। गौरतलब है कि जनपद में 14 अप्रैल तक लाॅकडाउन है और प्रशासन इस लाॅकडाउन का पालन कराने के लिए लगातार अपने-अपने तरीके से पालन कराने के साथ-साथ कोरोना के प्रति जागरुक कर रही है। प्रशासन की सख्ती के बाद लोग घरो से निकलना बंद कर दिये हैं, जिससे सड़के पर पूरी तरह से सुनी हो गई है। लाॅकडाउन के सातवें दिन भी जिला प्रशासन ने लोगो को कानून का पालन कराया और उल्लंघन करने वाले लोगों पर प्रशासन ने अपना हंटर चलाया। जिससे लोगों में भय बना रहा।

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