बरहदपुर अण्डर पास के समाधान के लिए मैं जनता के साथ, पीएम, सीएम व रेलमंत्री तक पंहुचाएंगे बात : डा. सीता
मऊ। 2024 के चुनावी समर में सब अपने अपने तरीक़े से लगे हुए हैं। ज़्यादा से ज़्यादा लोग अपने अपने दल से टिकट पाने की फ़िराक़ में है तो बहुतों की बनी बनायी गणित मिनटों में ओमप्रकाश राजभर का भाजपा से गठबंधन और दारा सिंह चौहान की भारतीय जनता पार्टी में वापसी बिगाड़ दी है। ऐसे में काफ़ी समय से भारतीय जनता पार्टी के साथ ईमानदारी से पार्टी के हर नीतियों और कार्यों के साथ क़दम से क़दम मिलाकर चलने वाली विकास पुरुष स्वर्गीय कल्पनाथ राय की बहु डॉक्टर सीता राय अपने तरीक़े से राजनीति में बनी हुई तो हैं लेकिन जनता के बीच में उनका दशकों से रहना और उनके बीच आना जाना बना हुआ है। भले ही भारतीय जनता पार्टी को उनका जनता के बीच हर समय बना रहना न नज़र आता हो, लेकिन जनता तो सब जानती है ।
डा. सीता कहती हैं, मित्रों नमस्कार, लोकसभा चुनाव काफ़ी नजदीक है और घोसी लोकसभा क्षेत्र में अभी सपा बसपा के मिलीभगत वाले सांसद हैं। इसके पहले भी और कई पार्टियों के सांसद रहे, अभी घोसी लोकसभा में चुनाव लड़ने को दर्जनों लोग उत्सुक भी है, लेकिन आम जनता के बीच जीते हुए सांसद तो जाने लायक हैं ही नहीं है, जो बनना भी चाहते हैं वे भी कहीं जाते हैं लोगों की समस्याओं को सुनते हैं कि नहीं मुझे नहीं पता। लेकिन मैं लगातार घोसी की पांचों विधानसभा में गांव गांव जा रही हूँ। लोगो के बीच मोदी जी व योगी जी की लोकप्रिय योजनाओं को बताती हूँ, तो उनकी समस्याओं को सुनती भी हूँ। सीता राय कहती हैं इसी बीच मुहम्मदाबाद विधानसभा के बरहदपुर गाँव पहुँचीं, जहाँ रेलखण्ड समपार संख्या 15 से 14c के मध्य बरहदपुर ग्रामसभा में अण्डर पास के लिए चल रहे धरना प्रदर्शन स्थल पहुँची। लगभग 200 से ज़्यादा महिलाओं और पुरुष 56 दिन से लगातार बैठे हुए हैं। जहाँ किसी भी पार्टी का कोई नेता उनके समस्याओं को सुनने नही गया या गया तो समाधान नहीं करा सका। यहाँ क्रोसिंग् की व्यवस्था नहीं है, सड़क पार करते करते कई लोगों की मौत हो चुकी है, कई का अंग भंग हो चुका है, कई दर्जन गाँव के लोग प्रभावित हैं। अब इन गांवों के लोग 10 से 12 किलोमीटर घूमकर दूसरे रास्ते से आ और जा रहे हैं। जरा सोचिए दिन में महिलाएं तो रात में पुरुष धरना दे रहे हैं। मोहम्मदाबाद में विधायक सपा के और सांसद भी सपा बसपा के मिलीभगत वाले हैं। लेकिन किसी को जनता की इन समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है । चुनाव लड़ने को तो बहुत से लोग मुँह बावे खड़े हैं।
साथियों, मैंने तय किया है इन गांवों में रहने वाले लाखों प्रभावित लोगों की आवाज़ को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व रेलमंत्री तक पहुंचाएंगी। नेता सिर्फ चुनाव लड़ने और सांसद विधायक बनके लखनऊ दिल्ली रहने को नही होता, गांव देहात की समस्याओं को समझने और दूर करने के लिए भी होता है।
सीता राय ने कहा कि मुझे इस समस्या से अवगत कराने के लिए ग्राम प्रधान कन्हैया, पंडित हरिओम शरण, गुड्डू पटेल, सुनील चौबे, अमित, राम जी सिंह, राजभान सिंह, संग्राम सिंह, श्यामसुंदर चौबे सहित सभी सम्मानित ग्रामीणों को धन्यवाद ।





