16 सूत्रीय मांगो को लेकर सपा कार्यकताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन
02 अक्टूबर से उग्र आंदोलन की चेतावनी 0 भाजपा सरकार में किसान, युवा, व्यापारी के साथ समाज का हर तपका परेशान : पूर्व विधायक उमेश चन्द पाण्डेय
(पवन कुमार पाण्डेय)
मधुबन । सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कई समूहों में नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुँचे एंव राज्यपाल उत्तर प्रदेश को सम्बोधित अपने 16 सूत्रीय मांगो का एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा एंव मांगे पूरी ना होने की दशा में आगामी 2 अक्टूबर से उग्र प्रदर्शन एंव चक्का जाम की चेतावनी दी । ज्ञापन में बेरजगारी, बढ़ती महंगाई, किसानों की समस्या , महंगी शिक्षा, निजीकरण, भ्रष्टाचार और नष्ट रोजगार, एंव पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग के नाम पर की जा रही धन उगाही आदि मांग रहा । सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को प्रदेश के सभी कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन का आवाहन किया था । इससे पहले उन्होंने योगी सरकार पर शिक्षा, महंगाई, भ्रष्टाचारी को लेकर कटाक्ष भी किया था। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी राजधानी समेत पूरे प्रदेश मे सोमवार को सड़कों पर उतरी।
मधुबन में धरना को सम्बोधित करते हुए स्थानीय विधानसभा से बसपा के टिकट पर दो बार विधायक रहे एंव वर्तमान में सपा का झंडा बुलंद किये पूर्व विधयाक उमेश चंद पाण्डेय ने वर्तमान प्रदेश सरकार की नीतियों पर जम कर प्रहार किया । कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ अपराध मुक्त साशन का दावा तो खूब करते हैं मगर आज हकीकत सबके सामने है ।प्रदेश में आये दिन हत्याएं ही रही हैं, अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है मगर सुशासन वाली सरकार का ढ़ोल पीटा जा रहा है ।
किसान बेहाल हैँ, शिक्षा महंगी होती जा रही है ।उन्होंने ने यूपी में बीएड प्रवेश परीक्षा में दलित छात्रों के निशुल्क प्रवेश परसरकार द्वारा रोक के खिलाफ उग्र आंदोलन का आह्वान किया ।एमएलसी लीलावती कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान सरकार आम जनता की आवाज को दबा कर लोक तंत्र की हत्या करने का काम कर रही है और देश में तानाशाही कायम करना चाहती है । धरना को सपा के बरिष्ठ नेता राजेंद्र मिश्रा, हरिशचंद्र यादव, अखिलेश सिंह राठौर, अध्यशंकर यादव, गुड्डू चौधरी, रामायण यादव आदि ने भी सम्बोधित करते हुए कहा कि किसान, बरोजगारी जैसे मुद्दों पर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले सपा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने आप को जंजीरों में जकड़कर ‘हक मांगते हैं भीख नहीं का नारा दिया गया । इस अवसर पर धीरेन्द्र मल्ल, इंद्र कैलाश यादव, नेहाल टीपू,, राज कुमार यादव, सपन कन्नोजिया, हाफ़िज़ सरफ़राह, महेन्द्र यादव, विवेक मद्धेशिया, दया प्रजापति,दुर्गेश राय, महेन्द्र यादव आदि रहे ।

