स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखा रहे लोग
मऊ। जी,हाँ वर्षों से चल रहे स्वच्छता अभियान के बावजूद ये हाल है ब्रह्मस्थान जैसे पवित्र स्थल पर स्थित पोखरे का। कई वर्ष पूर्व जिलाधिकारी व नगर प्रशासन द्वारा इसका सुन्दरीकरण तो कर दिया गया, लेकिन लोग इसकी स्वच्छता को लेकर कभी गम्भीर नहीं हुए। बता दें कि यहीं पर प्राइवेट बस स्टैंड और चाय,पकौड़ी, मिठाई फल आदि की बहुत सी दुकानें भी हैं। लोग दुकानों से सामन खरीदते हैं और खाने के बाद पालीथीन ,कागज आदि पोखरे मैं ही विसर्जित कर देते हैं, जबकि नगरपालिका द्वारा सड़क के पूर्वी तरफ व ब्रह्मस्थान परिसर में लगभग 5-6 स्थानों पर कूड़ेदान लगाये गये हैं, लेकिन उनमें कूड़ा डालने की कोई जहमत नहीं उठाता।ये हाल तब है, जब भारत के 14 शहर प्रदूषण की दृष्टि से विश्व के 15 शहरों की सूची में शीर्ष पर हैं। यह बहुत चिंता का विषय है। हम लोग अपनी सुख-सुविधा के साधन तो जुटाते चले जा रहें ,लेकिन पर्यावरण को लेकर गम्भीर नहीं हैं।हाँ, छठ पूजा व स्वच्छता पखवाड़ा के समय पोखरे की सफाई की जाती है,उसके बाद शायद ही किसी का ध्यान उस तरफ जाता है।जब एक पवित्र स्थल का हाल यह है तो आम सार्वजनिक स्थानों के विषय में आप अन्दाजा लगा सकते हैं। आखिर कब हम पर्यावरण संरक्षण को लेकर सचेत होगें।
किसी देश को विकसित होने के लिए उस देश के लोगों का स्वस्थ्य एवं शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है।पर्यावरणीय स्वच्छता से ही हम शारीरिक स्वच्छता व मानसिक स्वच्छता की कल्पना कर सकते हैं।आइये! भारत को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए भारत माता के आंचल को स्वच्छ बनायें और अपने राष्ट्रभक्त होने का परिचय दें।

