अपना जिला

विरले होते हैं कल्पनाथ राय सरीखे विकास पुरूष : डा. चन्द्रलेखा राय

दिल्ली। जहाँ समूचा पुर्वाचल स्व. कल्पनाथ राय का जन्मोत्सव दिवस बड़ी ही धूमधाम से मना रहा वहीं डा. चन्द्रलेखा राय ने अपने पिता को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि विरले ही होते हैं ऐसे विकास पुरूष जो  पुर्वाचल के विकास के लिये  जीते थे तथा उनका सपना था कि मऊ की पहचान पुरे देश में विकास के नाम से हो हर गरीब को रोजी रोटी का साधन उपलब्ध हो बेरोजगार को रोजगार मिले उसे कहीं दुसरे जगह न जाना पड़े वो विकास के लिये जीते थे ।तथा जनजन की आवाज बनकर कर मऊ जिले को औद्योगिक जिला बनाने के संकल्प को आगे लेकर चल रहे थे लेकिन ईश्वर को कुछ और मंजूर था  जो उनके सपनों का मऊ आज विकास के नाम पर दम तोड़ रहा है उनके कराये गये विकास कार्यों पर कोई मरम्मत तो दूर एक चुना भी नहीं लगवा पा रहा है ।वही घोसी लोकसभा एक विरान लोकसभा बनकर रह गया आखिर जनप्रतिनिधि मऊ के विकास को लेकर इतने संवेदन हीन कैसे हो आज मऊ के लोग क्यों विकास पुरूष को याद कर रहें है ऐसा इसलिए है कि सभी जानते हैं कि काश स्व कल्पनाथ राय होते तो मऊ को विकास के एक ईट के लिये तरसना नहीं पड़ता आज वो होते तो मऊ की तस्वीर ही कुछ और होती उनका विराट ब्यक्तित्व देखते ही बनता था व छल कपट से कोसो दूर थे उनका समर्पण भाव देखते ही बनता था वे जो ठान लेते थे कर डालते थे वे सेवाभाव से भरपूर थे पापा का असमय चला जाना मऊ को अनाथ कर जाना तथा हम सबको हताशा में डाल जाना रहा फिर भी उनके सपनों का मऊ बनाने के लिए मै हमेशा प्रयासरत रहतीं हूँ आइये उनके जन्मोत्सव दिवस पर संकल्प ले कि स्व कल्पनाथ राय के सपनों का मऊ हम बनायेंगे।

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