पूर्व जिलाधिकारी आरपी शुक्ला का मऊ में अभूतपूर्व स्वागत
मऊ। जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्ररी का सभागार उस समय अपने आपको और गौरवान्वित महसूस करने लगा जब जनपद मे दो दशक पूर्व रहे लोकप्रिय जिलाधिकारी आर पी शुक्ला का अभूतपूर्व स्वागत समारोह वर्तमान जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी द्वारा आयोजित किया गया।
इस समारोह के बारे में जैसे ही जनपद के गणमान्य लोगों को पता चला जो जहाँ पर था अपना काम छोड़कर अपनें लोकप्रिय जिलाधिकारी से मिलनें कलेक्ट्री सभागार पहुंच गया,और फिर शुरु हुआ यादों का संस्करण जिसमें एक जिलाधिकारी के रूप में किये गए कार्यों की लोगों ने याद ताजा करना शुरू किया। एक संस्मरण को याद कर शुक्ला जी बताने लगे उस समय विजली की बड़ी समस्या थी विजली आनें का समय निर्धारित था शाम 7 बजे अब मैं निकल पड़ा इसकी पड़ताल करनें शहर के एक मुहल्ले में, मैं पहुंचा तो देखा बिजली नहीं आई थी मुहल्ले वाले विजली विभाग को कोस रहे थे उनके साथ मैं भी बिजली विभाग को उल्टा पुल्टा कहनें लगा,काफी देर होंने के बाद मेरे गनर और कोतवाल साहब परेशान कि जिलाधिकारी साहब कहाँ गायब हो गए,धीरे-धीरे भीड़ जुटने लगी उसमें से किसी ने पहचान लिया डी एम साहब हैं। फिर पूरे विभाग में हड़कंप मचा और विजली आ गई। फिर बिजली विभाग को हिदायत देकर डी एम साहब चलते बनें।
आधी रात को ठन्डी के समय रात के अन्धेरे में कंबल ओढ़कर रेलवे स्टेशन,रोडवेज पर निकलकर जनता के दुःख दर्द को जानने की कहानियाँ हम लोग किताबों में पढ़ा करते थे।लेकिन एक जब कोई एक अधिकारी ऐसा काम करे तो लोग उसे मसीहा कहते हुए नहीं थकते जी हाँ हम बात कर रहे हैं पूर्व जिलाधिकारी मऊ रह चुके आर पी शुक्ला की, आज जब उनका आगमन मऊ की धरती पर हुआ और वर्तमान जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने एक सम्मान समारोह रखा तो आज दो दशक बीत जानें के बाद भी उनके चहेते अपना सारा काम छोड़कर उनसे मिलनें कलेक्ट्री सभागार पहुंच गए।और फिर शुरु हुआ यादों का सिलसिला। जनपद के लगभग सभी गणमान्य आर पी शुक्ला साहब के द्वारा एक जिलाधिकारी के रूप में किये गए विकास कार्यों एवं गरीब जनता तथा निचले वर्ग तक डी एम की सर्वसुलभता का सभी ने बखान किया।
जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि आज हम लोगों के लिए बड़े गौरव की बात है कि एक पूर्व डी एम के आने की भनक मात्र से इतनी संख्या में लोग मिलनें चले आये इससे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए कि हम भी कुछ ऐसा करें कि दुनिया याद करे। स्वागत समारोह में उपस्थित सभी लोगों के चेहरे पर खुशी एवं गम के भाव थे मानों वर्षों से जुदा अपना कोई मिला हो और बरबस ही आँखे भर आईं मानों यह गाना चरितार्थ हो गया कि ‘आंसू खुशी और गम के होते हैं एक जैसे इन आंसुओं की कोई पहचान नहीं होती’। अंत मे सभी गणमान्य लोगों ने जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी को धन्यवाद ज्ञापित किया कि आप हमारे लोकप्रिय जिलाधिकारी से भेंट कराई।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से नगर पालिका चेयरमैन तैय्यब पालकी, वरिष्ठ अधिवक्ता हरिद्वार राय, ईश्वरचंद, अतुल राय, उमाशंकर ओमर,नीलम सर्राफ, मनीष सर्राफ, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह, आजाद नोमानी, ब्रह्मानंद पाण्डेय, शैलेष आस्थाना, आनंद कुमार , गिरिराज अग्रवाल, रंजीत राय, संजय राय, प्रवीण राय, मुमताज आर्ट, नीलम सर्राफ, नुपूर अग्रवाल आदि लोग उपस्थित रहे।


