चार परिवारों में लौटी खुशियां, 02 दंपति आपसी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को हुये राजी
मऊ। महिला ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक रविवार को पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र बहादुर के निर्देशन तथा सीओ मधुबन श्वेता आशुतोष की अध्यक्षता में पुलिस लाइन में हुई। इसमें कुल 18 पारिवारिक मामले आए, जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से चार मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें दो दंपति ने सभी मतभेद भुलाकर अपना साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। एक मामले में पक्षकारों के बीच सहमति न होने के चलते मामला अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई। शेष पत्रावलियों में बैठक की अगली तिथि 17 मार्च 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
ऐच्छिक ब्यूरो केंद्र की प्रभारी सीओ श्वेता आशुतोष और सदस्यों के प्रयास से सोनम चौबे और सोनू तिवारी तथा मुहम्मद इरशाद और गुलशन ने अपना मतभेद भुलाकर साथ – साथ रहने को तैयार हो गए। वही संगीता चौहान और विनोद चौहान ने बातचीत कर अपना मामला हल कर लिया। वही निशा और रामचरन के मामले में पक्षकारों के बीच सुलह न होने की स्थिति में पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई।
आरती गुप्ता और कन्हैया गुप्ता तथा प्रतिभा प्रजापति और प्रेमप्रकाश के मामले में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया।
वहीं किरन और सत्येंद्र कुमार, रुकिशा खातून और मुहम्मद शाहिद, विजय और जय, नरेन्द्र और उर्मिला, सरिता और महेंद्र तथा नेहरुनिशा और नोमान के मामले में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए। तथा रागिनी और शिवम सिंह, सविता और राजेंद्र यादव, जितेंद्र और नीलम, योगेश कुमार और सुनीता, सोनम चौरसिया और दीपचंद चौरसिया, फैज अहमद और शकीला के मामले में कोई पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। जिसके चलते बैठक की अगली तिथि 17 मार्च 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान ब्यूरो केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, इब्राहिम सेवक, अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, डा.एमए खान, मौलवी अरशद, रत्नेश पांडेय , आरक्षी सोनी सिंह ने अपना योगदान दिया। बैठक में काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।

