कृषि संबंधित कानून को लेकर सपा नेताओं ने ट्रैक्टर के साथ किया विरोध प्रर्दशन, DM के माध्यम से PM को भेजा ज्ञापन
मऊ। कृषि संबंधित कानूनों को लेकर के सपा नेताओं का विरोध ट्रैक्टर के साथ जिला मुख्यालय पर पहुंच जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
सपा नेता राजविजय यादव ने कहा कि देश का किसान जो देश को अन्नदाता के रूप में संभाले रखा है उसके विरोध में जो कृषि संबंधित कानून लाया गया है यह सीधे-सीधे किसानों के लिए काला कानून हैं जिससे किसानों के हाथ में कटोरा और बड़ी कंपनियों बड़े व्यापारियों के घरों में खुशहाली होगी अगर सरकार कृषि संबंधित तीनों कानून वापस नहीं लेते हैं तो किसानों के साथ नौजवान, छात्र रोड पर उतरने का काम करेंगे।
पूर्व महामंत्री छात्र संघ रविंद्र कुमार साहनी ने कहा कि आंदोलनरत किसानों की मांगें पूरी हो जो निम्न प्रकार से हैं!
1)तीनों कृषि कानून वापस ले जाएं।
2)एमएसपी (न्यूनतम् समर्थन मूल्य) को किसानों का कानूनी अधिकार बनाया जाए।
3)स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए।
4)एनसीआर में पराली जलाने पर रोक का कानून वापस लिया जाए।
5)कृषि उपयोग के लिए डीजल के रेट आधे किए जाएं।
6)पूरे भारत में किसान नेताओं, बुद्धिजीवी, लेखकों, कवियों, वकीलों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं एवं लोकतांत्रिक अधिकार कार्यकर्ताओं के ऊपर थोपे गए सारे मुकदमे वापस लिए जाएं और जो जेल में बंद है उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
छात्र नेता दीपक चंद्रा ने कहा कि वर्तमान की सरकार किसान विरोधी, दलित विरोधी, छात्र विरोधी हैं जो किसान हैं जो छात्र हैं यह सरकार लगातार उनके विरोध में कानून बनाने काम कर रहे हैं और यह सरकार सीधे-सीधे बड़े उद्योगपतियों और बड़ी कंपनियों के घरानों को खुशहाल करने में लगातार लगे हुए हैं
ज्ञापन देने में उपस्थित गगन कुमार, सुजीत कुमार ,विनय ,प्रिंस ,अभिषेक, पवन यादव ,राजु साहनी , सोनु चौरसिया अन्य

