कुछ अलग : राजकीय संप्रेक्षण गृह के बच्चों को पं. माही मृदुल सिखाएंगे गीत-संगीत
मऊ। कुछ अलग करने का इरादा तो हो, कुछ अलग चलने का मंजिल तो हो, हो जुनून बस कुछ कर गुजरने का, खूद के मन से कुछ वादा तो हो। जी हां किसी और को बदलने के लिए अपने आप में बदलने का हुनर होना चाहिए। और यह जज्बा है तो फिर आपके क्या कहने। बाल कल्याण समिति की श्रीमती विनीता पांडेय ने ऐसी ही पहल कर एक ऐसा संदेश दिया है जिसकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है। राजकीय संप्रेक्षण गृह में जहां बच्चों के दशा दिशा सुधारने के लिए गीत-संगीत का क्लास चलाने का जिला प्रोबेशन अधिकारी से निवेदन किया, वहीं प्रोबेशन अधिकारी ने तत्काल इस प्रस्ताव को मानकर गीत-संगीत क्लास की व्यवस्था कर इस त्वरित खुलवाने का प्रयास किया वह भी बधाई के पात्र हैं।
सोमवार को मऊ जनपद मुख्यालय के राजकीय संप्रेक्षण गृह में जो बलिया आजमगढ़ और मऊ के 105 बच्चों की मनोदशा सुधारने के लिए सरकार द्वारा स्थापित किया गया है। इसमे किए गये अनोखी पहल की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। सोमवार को बच्चों के मनोरंजन के लिए म्यूजिक कक्ष का भव्य उद्घाटन जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज के हाथों हुआ। इसका सारा श्रेय जाता है बाल कल्याण समिति की श्रीमती विनीता पांडेय को उन्होंने बच्चों की मनोदशा सुधारने के लिए प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष एक प्रस्ताव रखा कि बच्चों की मनोदशा सुधारने में सबसे अच्छा साधन संगीत है, जो मनोरंजन के साथ साथ अनुशासन और साधना सिखाता है। उनकी इस बात को प्राथमिकता देते हुए प्रोबेशन अधिकारी ने हारमोनियम, तबला, ढोलक ,झाल ,म्यूजिक सिस्टम आदि चीजों का तुरंत व्यवस्था करा दिया। श्रीमती पांडेेय संगीत सिखाने के लिए माही मृदुल के टीम से बात की माही मृदुल की टीम उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार किया तथा बच्चों को निशुल्क संगीत का ट्रेनिंग देने के लिए तैयार हो गए। मनोरंजन कक्ष के उद्घाटन समारोह में किशोर न्यायालय बोर्ड की टीम बाल कल्याण समिति की टीम पूरा प्रोबेशन विभाग संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक के साथ साथ सारे अधिकारी और कर्मचारी यही कहते नजर यह कार्यक्रम प्रदेश भर में पहली बार हमारे जिले में हुआ है वाकई अनोखी पहल से बच्चों में सकारात्मक सोच देखने को मिलेगा बच्चे भी इस कार्यक्रम में भाग लेकर बहुत ही प्रसन्न हुए अंत में सारे अधिकारी और कर्मचारी गण पंडित माही मृदुल की टीम को भूरि-भूरि प्रशंसा किए जिन्होंने निशुल्क सेवा देने के लिए अपना समय निकाल रहे हैं।
इस संगीत क्लास को प्रदेश के अन्य संप्रेक्षण गृहों में खोले जाने की पहल भी होनी चाहिए।

