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आपदा को अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रही है सरकारः राजीव राय

● वंदे भारत मिशन के नाम पर घोटाला करने का लगाया आरोप

मऊ। कोरोना वायरस के तेजी से फैल रहे संक्रमण के कारण संक्रमित मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वहीं इस आपदा को सरकार अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रही है। विदेशों में फंसे लोगों को घर वापसी के नाम पर चलाई जा रही वंदे भारत अभियान के नाम पर बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है। सरकार के प्रवक्ता चैनलों पर छाती पीट-पीटकर कहते हैं कि विदेशों से इतने लोगों को घर लाये, करोड़ों रूपये खर्च किया। लेकिन यह सिर्फ खोखली बातें है, सच्चाई इससे इतर है। यह बातें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व प्रवक्ता राजीव राय ने मलेशिया में फंसे युवाओं की सकुशल घर वापसी के बाद सोमवार को नगर के पालिका कम्युनिटी हाल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों से कही। कहा कि जुलाई माह में मलेशिया में फंसे युवकों ने उनके सम्पर्क कर घर वापसी की गुहार लगाई। बताया कि पूर्व में युवकों ने क्षेत्रीय विधायक से लेकर मंत्री व कई बड़े नेताओं से भी सम्पर्क किया। लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। 14 जुलाई को मलेशिया में चाइनीज कम्पनी के बदमाशों के चंगुल में फंसे कसारा निवासी दुर्गेश राजभर ने उनसे सम्पर्क कर पूरी बात बताई। जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, विदेश मंत्रालय सहित तमाम जगहों पर उनकी घर वापसी के लिये प्रयास किया। उनकी मेहनत रंग लाई और बच्चों को सकुशल घर पहुंचाया जा सका। बताया कि कोरोना के इस काल में जहां सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के नाम पर सौ करोड़ रुपये खर्च दिखाया जा रहा है। जबकि सच्चाई इससे कोसों दूर है। युवकों की घर वापसी के दौरान एम्बेसी में सरकार द्वारा साफ मना कर दिया गया कि जबतक पैसे नहीं दोगे तो घर नहीं भेजेंगे। जिसके बाद उनके द्वारा बच्चों की फ्लाइट का पूरा खर्च वहन किया गया। आरोप लगाया कि हाईकमीशन ने ट्वीट कर जानकारी दिया था कि बच्चों को धोखे से टूरिस्ट बीजा पर भेजा गया। उन्हें घर भेजने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन उसके बाद भी उनके टिकट के लिये पैसा मांगा जाना सरकार द्वारा किये गये घोटाले का साफ दर्शाता है।

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