हम इनकार नहीं कर सकते
(धीरेन्द्र श्रीवास्तव धीरु भाई)
एलोपैथी मददगार है,
उससे रार नहीं कर सकते।
पर हम आयुर्वेद छोड़कर,
उससे प्यार नहीं कर सकते।
पैरासीटामाल आपका,
बर बुखार में ले सकते हैं,
लेकिन तुलसी नीम लवंग से,
हम तकरार नहीं कर सकते।
केवल दवा नहीं जीवन के,
सभी जरूरी उपकरणों में,
मजबूरन मन्जूर विदेशी,
पर सत्कार नहीं कर सकते।
योग पुरातन पुनः विश्व में,
चमक रहा है सूरज जैसा,
रामदेव की यह सेवा भी,
हम इनकार नहीं कर सकते।
घोड़ा लूटा नए खड़ग ने,
लाचारों की सेवा खातिर,
हम उसको पहचान न पाए,
यह इज़हार नहीं कर सकते।
सेवा को झनकार बनाकर,
सेवा को बदनाम किए जो,
ऐसे सेवादारों को भी,
हम स्वीकार नहीं कर सकते।
ब्लैक मिलावट करने वालों,
देश का सबकुछ हरने वालों,
हम तुमको डाकू बोलेंगे,
लेकिन वार नहीं कर सकते।


Prabhavshali ..sindar