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भाजपा नेता सहित तीन पर गोलीबारी की घटना का मुख्य आरोपी दो माह बाद भी पुलिस पकड़ से बाहर

◆ आरोपी की गिरफ्तारी न होने से पीडि़त परिवार दहशत में

बिल्थरारोड/ बलिया। उभांव थाना क्षेत्र के हाहानाला के समीप अहिरूपुर मोड़ पर 16 जुलाई को भाजपा नेता सहित तीन लोगों को बदमाशों द्वारा गोली मारने व बाइक लूटने की घटना के मामले में शामिल मुख्य आरोपी को
पुलिस द्वारा अबतक गिरफ्तार न किये जाने से पीडि़त परिवार में दहशत की.स्थिति है। इस सम्बन्ध में एसएचओ उभांव का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसओजी की कई टीमे कार्य कर रही है तथा शीघ्र ही
पुलिस को इस मामले में कामयाबी हासिल हो जायेगी।
उभांव थाना क्षेत्र के हाहानाला के समीप अहिरूपुर मोड़ के पास 16 जुलाई को भाजपा नेता व उसकी पत्नी सहित तीन लोगों को गोली मारकर घायल करने व उनकी बाइक लूटने के मामले में शामिल मुख्य आरोपी अजीत कुमार
यादव की अबतक गिरफ्तारी न होने से पीडि़त परिवार अब भी दहशत की स्थिति में है। पीडि़त परिवार के सदस्यों का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से वे काफी भयभीत हैं तथा उन्हें परिवार के सदस्यों
की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है।

इस मामले में उभांव एसएचओ राजेश कुमार सिंह की अगुवाई में घटना में शामिल दो आरोपियो रामप्रताप यादव व राहुल यादव को पिछले दो माह पूर्व ही गिरफ्तार कर लिया गया था। परन्तु मामले के मुख्य आरोपी अजीत यादव को पुलिस अबतक गिरफ्तार करने में कामयाब ही हो सकी है। इस सम्बन्ध में पूछे जो पर एसएचओ उभांव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अजीत मऊ जिले में
भी वांच्छित है तथा उसको गिरफ्तार करने के लिए एसओजी की कई टीमे लगी हुई हैं तथा वह पुलिस की रडार पर है। उन्होने दावा किया कि पुलिस अतिशीघ्र मुख्य अपराधी को गिरफ्तार करने में सफल रहेगी।

विधायक के पत्र पर प्रेमचंद हत्याकांड के मुख्य आरोपी का देवरिया जेल से हुआ था स्थानान्तरित…

बिल्थरारोड। भाजपा नेता के बड़े भाई की हत्या के मुख्य आरोपी रामाश्रय यादव को पिछले 1 अक्टूबर को जिला कारागार लखनऊ के लिए स्थानान्तरित कर दिया गया था। देचरिया के जिला कारागार में बंद होने के बावजूद अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में रामाश्रय यादव की संलिप्ता सामने आने व भाजपा नेता सहित तीन को गोली मारे जाने की घटना के बाद बिल्थरारोड विधायक धनन्जय कन्नौजिया ने उसको देवरिया जेल से कहीं अन्य़त्र जेल में
स्थानान्तरित करने के लिए 14 सितम्बर को मुख्यमंत्री को आईजीआरएस के तहत पत्र भेजा गया था। जिस पर 25 सितम्बर को जारी शासनादेश के तहत 1 अक्टूबर
को उक्तरोक्त बंदी को जिला कारागार देवरिया से जिला कारागार लखनऊ के लिए स्थानान्तरित कर दिया गया था। उक्त सूचना सम्बन्धित पत्र वरिष्ठ अधीक्षक कारागार ;मुद्ध , कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें उप्र वीके सिंह द्वारा
विशेष सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय को 26 अक्टूबर को भेजकर इस आशय से अवगत भी कराया गया था।

यह है पूरी घटना…

बिल्थरारोड। पिछले 16 जुलाई को हाहानाला के पास अहिरूपुर मोड़ पर दो बदमाशों ने भाजपा नेता मुरलीधर वर्मा, उसकी शिक्षिका पत्नी प्रियंका वर्मा व सोनाडीह निवासी अजीत यादव को गोलीमार कर घायल कर दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में शामिल एक आरोपी राहुल यादव निवासी मतउपुरा सोनाडीह को मुखबीर की सूचना पर 4 अगस्त शनिवार की रात 9 बजकर 5 मिनट
पर स्थानीय बस स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिसिया पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि 2 मार्च 2012 को पड़री गांव निवासी स्वर्ण व्यवसायी प्रेमचंद सर्राफ की हत्या में
गवाह रहे उसके भाई को गवाही न देने के लिए इस कार्य को हत्यारोपी द्वारा अपने भतीजे की सहायता से दो अन्य बदमाशों को सुपारी देकर अंजाम दिया गया था। 6 वर्ष पूर्व बिल्थरारोड से घर जाते समय शाम को तेन्दुहारी
गांव के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने स्वर्ण व्यवसायी प्रेमचंद सर्राफ की गोली मार कर हत्या कर दी थी। उस समय मृतक व्यवसायी का पुत्र व एक भाई वहां मौजूद थे। इस मामले में चर्चित अपराधी रामाश्रय यादव निवासी परसिया थाना मधुबन व जलालुद्दीन निवासी गजियापुर व मनोज वर्मा को आरोपी ठहराया गया है। इस दौरान पीडि़त पक्ष को गवाही न देने के लिए बार-बार उक्त बदमाशों द्वारा धमकी दी जाती रही। जिसकी शिकायत पीडि़तों द्वारा
पुलिस से की जाती रही है। इस सम्बन्ध में रविवार को थानाध्यक्ष उभांव तेज प्रताप सिंह ने बताया कि प्रेमचंद हत्याकाण्ड में मृतक का छोटा भाई मोहन सोनी गवाह है। वर्तमान में उक्त हत्याकाण्ड का एक आरोपी रामाश्रय यादव देवरिया जेल में बंद है। रामाश्रय यादव नही चाहता था कि मृतक का भाई अदालत में उसके खिलाफ गवाही दे। उसने इसके लिए अपने भतीजे रविन्द्र यादव
उर्फ सिपाही निवासी परसिया थाना मधुबन से बातचीत कर मृतक के भाई व भाजपा नेता मुरलीधर वर्मा की हत्या का प्लान तैयार किया ताकि एक भाई की और हत्या होने के बाद गवाह भयभीत हो जायेगा तथा उसके विरूद्ध गवाही नहीं कर पायेगा। पुलिस के अनुसार चाचा के प्लान को कामयाब बनाने के लिए रविन्द्र द्वारा अपने मित्र उभांव थाना क्षेत्र के मतउपुर, सोनाडीहद्ध निवासी रामप्रताप यादव से बातचीत की गयी। इसके बाद वह मऊ जिले के थाना रानीगंज के ताहिरपुर गांव निवासी अजीत यादव को इस काम के लिए रामप्रताप से मिलवाया। भाजपा नेता मुरलीधर की हत्या का पूरा प्लान तैयार कर रविन्द्र
अपनी गैंगेस्टर की जमानत तुड़वाकर 10 जुलाई को कोर्ट में हाजिर हो गया।
जिसे बाद में देवरिया स्थित जेल में बंद कर दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि भाजपा नेता पर हमले की घटना से तीन दिन पूर्व अजीत द्वारा रामप्रताप के घर जाकर इस मामले को अंजाम देने के लिए रेकी की गयी थी। बताया जाता है कि गोलीबारी की घटना के एक दिन पूर्व 15 जुलाई को ही अजीत रामप्रताप के घर जा पहुंचा तथा रात को वहीं खा-पीकर वहीं सो गया। 16 जुलाई को
सुबह 6 बजे राम प्रताप व अजीत असलहे के साथ पैदल ही घटना स्थल पहुंच गये। उनके साथ इस मामले में मुखबीरी करने के लिए रामपताप का भतीजा राहुल भी पहुंचा हुआ था। उसी समय अजीत यादव निवासी सोनाडीह अपनी अध्यापिका पत्नी प्रिती को मऊ जिले के तिघरा प्रा0पा0 पर छोड़कर अपने पुत्र के साथ बाइक से वापस घर आ रहा था। उधर भाजपा नेता की हत्या के
उद्देश्य से घटना स्थल पर मौजूद अजीत यादव गलतफहमी में अजीत पर ही गोली फायर कर दिया। वह अभी उसपर और फायर करता तभी उसके पीछे मौजूद रामप्रताप ने उसे रोक दिया। इसी बीच मुरलीधर अपनी पत्नी के साथ सोनाडीह की तरफ से बाइक से वहां पहुंच गया। रामप्रताप के ईशारे के बाद अजीत ने उसपर फायर झोंक दिया। संयोग ये रहा कि मुरलीधर की शिक्षिका पत्नी
प्रियंका द्वारा इस दौरान फेका गया बैग उक्त गोली के आड़े आ गया जिससे वह बाल-बाल बच गया।

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