पुलिस ने कारसेवक के कान में करंट लगा किया था प्रताड़ित, संघ ने किया सम्मानित

मऊ। 1992 के श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के कार सेवा में शामिल रहे अमीरचन्द को रविवार गोरक्ष प्रान्त के प्रान्त कार्यवाह सुरेश जी ने संघ कार्यालय पर अंगवस्त्रम से सम्मानित किया। श्री सुरेश ने बताया कि 1992 के आंदोलन में कार सेवा में शामिल रहे हैं ऐसे कारसेवकों को जिनको पुलिस ने कान में बिजली का करंट लगाकर प्रताड़ित करने की कोशिश कि ऐसे व्यक्ति को सम्मानित करके आज गर्व महसूस हो रहा है।
बताते चले कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में कार सेवा करने वाले अमीरचंद को उस समय की पुलिस प्रशासन द्वारा प्रताड़ित किया गया जिसमें योजनाबद्ध तरीक़े से अमीरचंद को उनके घर से बुलाकर थाने में उनके कानों में बिजली के तार द्वारा करंट लगाकर प्रताड़ित किया गया। पुलिस की प्रताड़ना से अमीरचंद की सुनने शक्ति चली गई लेकिन उन्होंने पुलिस को श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े किसी भी तथ्य को बताने से इनकार किया। वे पुलिस का जुल्म सहे लेकिन आंदोलन व कारसेवा के प्रति अपने समर्पण के प्रति मुंह नहीं खोलें। उन्होंने बताया कि पुलिस ये चाहती थी की विवादित ढांचे की जो ईंट उनके पास है उसको वे पुलिस को सौंप दे, लेकिन राम के प्रति भक्ति ने उनको जुल्म सहने की शक्ति दी लेकिन पुलिस के सामने न वे झुके न डिगे।
इस अवसर पर संघ के जिला प्रचारक राजीव नयन व ज़िला व्यवस्था प्रमुख देवेंद्र मोहन सहित अनेकों लोग मौजूद थे।


