पाकिस्तान से आए 90 हिंदुओं को मिली भारतीय नागरिकता
(विशाल त्रिपाठी)
नई दिल्ली। सालों पहले पाकिस्तान से आए 90 हिंदुओं को अहमदाबाद जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिकता दे दी है। जिलाधिकारी विक्रांत पांडे ने 90 आवेदकों को नागरिकता कानून 1955 के प्रावधानों के अनुसार भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र प्रदान किया। पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि 2016 में केंद्र ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों, हिंदुओं और सिखों को नागरिकता जारी करने की प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण किया था।
दिसंबर , 2016 में जारी एक गजट अधिसूचना के तहत गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर और कच्छ के जिलाधिकारियों को राज्य में रह रहे इन समुदायों के आवेदकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने की शक्तियां प्रदान की गई थीं। पांडे ने कहा कि आज 90 लोगों के साथ ही अमहदाबाद नई व्यवस्था प्रभावी होने के बाद ऐसी नागरिकता प्रदान करने में देश में सभी जिलों में अगुवा हो गया है। साल 2016 से अहमदाबाद जिला समाहरणालय 320 लोगों को नागरिकता प्रदान कर चुका है। उनमें 90 फीसद पाकिस्तान से हैं और बाकी बांग्लादेश से।
आज नागरिकता पाने वाले लोगों ने प्रशासन को धन्यवाद दिया। उनमें से कुछ ने पाकिस्तान के अपने अनुभव साझा किये जिनकी वजह से वे अपना कारोबार और प्रियजन को छोड़कर बाध्य आने के लिए बाध्य हुए। भरतकुमार खटवानी ने कहा कि कराची में मेरा एक सुपरस्टोर था लेकिन वहां की खराब कानून व्यवस्था के चलते मुझे यहां आना पड़ा। वहां हिंदुओं को निशाना बनाया जाता है। छोटे शहरों में यह आम बात है। पाकिस्तान में हिंदुओं को खुद को बचाने के लिए अपनी पहचान छिपानी होती है। मीराबेन माहेश्वरी (70) ने दावा किया कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में उनकी बेटी को अगवा कर उसे मुसलमान बना दिया गया था।

