कहानी : गहनो की चोरी
(अलका जैन इंदौर मध्यप्रदेश)
देख बाई तेरे अलावा ना कोई आया न गया। तूने ही गहने चुराए हैं। देख गलती सब से होती है, तेरे से भी हो गई होगी। हम पुलिस को नहीं बुला रहे हैं बस हमारे गहने हमको वापस कर दे।
बाई ने कहा मैं कहां से वाापस कर दूूं, मैैंं तो इस मोहल्ले में 7-8 साल से काम कर रही हू किसी से भी मेरे बारे मेंं पूछताछ कर लो, कभी किसी के घर है एक रुपया भी चुराया हो तो,
नहीं बाई… गहने तो तूने ही चुराएं हैं, दे दे वापस। नही तो तेरे को हथकडी डाल कर, वहां-वहां ले जायेंगे, जहां-जहां तू काम करती है।
बाई…. साहब ऐसा मत करना, मेरे घर में बच्चे भूख से मर जायेंगे। मेरा मर्द और बेटा पहले ही शराब पी-पी कर मर गये। बहू भी भाग गई। ऐसा करोगे तो मेरे सारे काम छुट जायेंगे। आप के पैर छूती हूं मैने गहने नहीं चुराया। अपने पोते की कसम।
तो हमारे गहने कहांं गये?
मेरे को क्या पता कहां गये?
मैं तो बर्तन मांज कर चली गई। फिर कौन आया कौन नहीं मेरे को क्या पता?
ऐसे नहीं मानेंगे कबूल तो तेरे को करना पड़ेगा। दो डंडे मारेगी पुलिस तो सब सच-सच बोल देगी।
लगाओ 100 नंबर ओर बुलाओ पुलिस को,
क्या हो गया भाभी। पड़ोसन ने जानकारी चाही।
अरे वैसे तो हम गहने बैंक में रखते हैं पर छोटू की शादी के कारण निकाल लिये थे और इस नालायक ने सोचा शादी का घर है किसको मालूम पड़ेगा कौन आया कौन गया। मौका लगते ही हाथ की सफाई कर दी।
वो तो अच्छा हुआ कल कोई आया गया नहीं, वरना शक दूसरे पर भी जाता,
शादी का घर ओर कोई नहीं आया?
आंटी आप को तो पता ही है मां का गुस्सा तेज है कल किसी बात को ले कर मां गुस्से मैं थी तो सब बहाने है निकल लिये,
आप को अच्छे से याद है कोई नहीं आया? ये बाई तो हमारे घर भी बरसों से काम कर रही है हमें तो नहीं लगता वैसे कौन जाने आदमी की नियत कब खराब हो जाये। वैसे हां आपके घर आपकी लड़की की सहेली भी तो आती है वो नहीं आई थी क्या कल?
वो, हां वो आती तो है रोज ही, मगर कल नहीं आई थी,
तू बता बाई कब कैसे चोरी करी तूने…
आप मेरी झोपडी में जा कर तलाशी ले लो भाई,
अच्छा तू यहीं रुक,
एक आदमी को भेजो घर, बोलना तुम्हारी बाई ने गहने मंगाए हैं दिनेश बोला,
अरे क्या बच्चों जैसी बातें कर रहे हो।
कोई और आया ये पहले याद करो सारा मोहल्ला इकठ्ठा हो गया।
सोचने वाली बात ये भी है कि जो दीदी की सहेली रोज आती है वो कल क्यों नहीं आई। ऐसा तो नहीं वो आई हो किसी ने देखा न हो। ये भी हो सकता हैं।
नहीं वो बहुत बड़े घर की लड़की है। गहने तो अच्छे अच्छों का मन बदल देते हैं।
अरे नहीं वो आती तो उसका बाइक सब को दिखता ओर सब उसे गली में पहचानते भी है
किसी ने उसे कल देखा क्या?
शक तो सब पर करना पड़ेगा, गहने तो चोरी हुए ही है ना
हुआ क्या?
अरे कल दोनो बहुए बाजार गई थी। जब बाजार गई थी तब तक तो गहने थे, बाजार से आई तो गहने गायब।
पक्का ना बाजार जाने से पहले गहने थे।
फिर ये बर्तन मांजने आई और गहने गायब,
अरे भाई साहब अगर गहने ही चोरी करती तो क्या मैं जूठे बर्तन मांज मांज कर अपने बच्चों का पेट भरती।
देख बाई कल तक का समय तेरे को दे रहा हूं। कल तक गहने वापस नहीं किए तो थाने तक बात जायेगी । समझ लें।
बाई इतने बड़े इल्जाम पर तो मैं आत्महत्या कर लेती मगर मेरे घर चार पोता पोती है छोटे छोटे मैं क्या करूं।
मैंने नहीं चुराये गहने। बाई… साहब भगवान की कसम अपने बच्चों की कसम। किसी की भी कसम बोलो उसकी कसम में खा कर बोल रही हूं।
मैनेें चोरी नही की है, मैैं चोरी की है तौ कोई तो गवाह होगा?
इतना काम कराते हो और तीन सौ रूपये महीने में देते हो फिर भी मैं कहती चलो भाई साहब के यहांं कोई बाई नहीं टिकती। मैं करती उसका ये नतीजा।
चल भाग यहां से ज्यादा नाटक मत कर।
पता करो दीदी की सहेली आई थी किसी ने देखा क्या?
अरे सुनो सस्पैंड इंस्पेक्टर को बुलाया जाये किसी पड़ोसी ने सलाह दी। कौन वर्मा जी,
हां…
चलो बैठा लाओ कार में। उनका भी टाइम पास होगा।
सब लोग हंसने लगे।
वर्मा जी आ गये।
इंस्पेक्टर आज तुम्हारी इज्जत का सवाल है।
हां बताओ आंटी जी क्या हुआ। बेटा 7-8 तोले का सोने का सेट चोरी हो गया। अब अगर चोरी की रपट लिखाने गये तो गहने बरामद हो जायेंगे तो भी झंझट होगा । वैसे है तो पक्का है गहने बर्तन मांजने वाली बाई ने ही चुरायै है । वहीं आई थी घर में।
जिस के गहने खोये उसको पहले पेश करो। मुझे भी तो लगना चाहिए मैं इंस्पेक्टर हूं। हां यार छ महीने से सस्पेंड हूं। मै बोलूंगा तो सब बोलेगा यस सर,
ओ के,
अरे इंस्पेक्टर यहां मामला गंभीर है,
अरे अपने तो आते से ही बता दिया, चोर कौन है फिर मैं बस थोड़ी एंकरिंग कर रहा हूं।अरे आंटी नाराज मत हो जाना वरना हूं तो पुलिस में पर आज भी आप से डरता हूं। अच्छा आप चाये बनाओ आप के हाथ की चाय बहुत दिन से नहीं पी।
अरे भाभी अब मैं आ गया हूं मत रोओ
वैसे भी आप रोती है तो बहुत बुरी लगती हैं आप को किसी ने नहीं बताया।
मेरे हाथ का खाना, खाना है या नहीं
सब फिर हंसने लगे। अच्छा सब भीड़ छाटो हिंदुस्तान में किसी को कोई काम नहीं रहता है सब फ़ालतू। एक मैं काम करता था उसे भी सस्पेंड कर दिया।
हां भाभी शुरू से शुरू होना।
मतलब…
मतलब गुडमोर्निंग हुई फिर आपने बन किया। चाय बनाई सब
जी भाईजी हमने ब्रस किया फिर चाय बनाई । नाश्ता बनाया खाया खिलाया।
फिर हम दुल्हन को छोड़ने लगे बोले अगले साल तो आप प्रेगनेंट हो जाओगी फिर ऐसे चलोगी। दुल्हन शर्मा रही थी हमको मजा आने लगा।
घंटों यूंही निकल गये। हमारी हंसी-मजाक सुन कर सासू मां को गुस्सा आ गया। बोली सब निपट गया शादी ब्याह अब हंसी ठिठोली बंद करो सब घर बिखरा पड़ा है काम से लगो। एक चिज़ ठीकानै पर नहीं मिलती जब चाहिये तब। सब सलिके से रखो। बस आप तो जानते हो क्या होता है जब सासुजी को गुस्सा आता है। फिर बड़ी भाभी बोली तुम्हारा हार नया वाला दिखाना जरा। बहुत अच्छा है ऐसा ही हार हम अपनी बहन कि शादी के लिए बनायेंगे। सगाई तो हो गई उसकी।अब अम्मा से हमारी कुछ होता नहीं है हमें ही सारा काम देखना पड़ेगा। हमारे सब के बैंक अकाउंट यही इसी शहर में तो बड़ी भाभी बोली, अब सासू का पारा चढ़ गया है अब अपने उपर उनका गुस्सा उतरे इससे पहले निकल लो। बैंक हो आते हैं सो हम चले गये। वाह हम दोनो ने अपने अपने अकाउंट में पैसे डाले फिर हमने टेक्सी ली हम बैठे ही थे कि बड़ी भाभी को याद आया, अरे सोनू का अकाउंट तो खोलना ही भूल गये, अब वो भी बड़ी हो गई है धीरे-धीरे पैसा इकट्ठा करेेंगे, तब जाकर दहेज इकठ्ठा होगा हम आते हैं अभी तुम यहीं बैठो।बस हम टेक्सी में बैठे रहे और भाभी आई हम आ गए घर पर। हम साड़ी बदल कर घड़ी को रखने गये तो गहने का फोक्स नहीं था हमने शोर मचाया। सासूमां तो हमें ही डांटने लगी। गहने संभाल कर नहीं रखें।
अच्छा पहले कभी ओर गहने चोरी हुए?
हां पिछली बार भी हमारी दो सोने की चूड़िया चोरी हुए
पिछली बार भी तुम्हारी,
हां भैया हम तो अपने गहने बहुत संभाल कर रखते हैं । लापरवाही नहीं करते । हमारे घर में तो शुरू से ही सिखाया जाता है।
वैसे ये बात आप काहे पूछ रहे हैं
हम चोरी का पैटर्न जानना चाह रहे हैं।
उसी दौरान घर में कोई नहीं आया सिवाय बर्तन मांजने वाली के।
अच्छा तो ये बात है।
अरे दीदी तुम्हें अपना घर दिखा लाऊं,
चलो इंस्पेक्टर चलो।
सब आश्चर्य कर रहे हैं सस्पेंड हुआ है जब से सठिया गया है।
चलो इंस्पेक्टर चलो…
हम भी चलेंगे चाचा..
अरे क्या पूरी बारात जायेगी बस मैं और दीदी
ओके सब इशारा समझ रहे थे।
दीदी आप एक काम करो बैंक जा कर बोलना मुझे लाकर आपरेट करना है।
नंबर याद नहीं है पर कल भाभी ने ओपरेट किया था
आपका मतलब बड़ी भाभी,
देखते है,
लो इलाहाबाद बैंक है ना
आपको कैसे मालूम? बचपन से आ रहा हूं दिनों यही एक बैंक थी दीदी
बीच में पोस्टिंग दूसरे शहर में रही टाइम नहीं रहता था सो बहुत दिनों बाद आया हूं। अब तो सस्पैंड हूं टाइम ही टाइम है।
हा मालूम पड़ा दुःख हुआ सब ठीक हो जायेगा,
अच्छा मैनेजर ना निकुर करें तो आवाज दे देना,
ओ के।
अरे दीदी तुम तो बहुत जल्दी आ गई
हां सब अंग्रेज़ी में साइन करते हैं आजकल
भाभी हिंदी में सो झट से निगाह में आ गया,
मतलब मेरा अंदाजा सही था,
कैसे लगाया अंदाज आपने,
हर बार सिर्फ छोटी भाभी के ही गहने चोरी गये बड़ी भाभी के कभी नहीं यही बात मैने पकड़ ली।
बेचारी गरीब औरत को बेबजह सताया। जब की चोरी बड़ी भाभी ने की। ओर मेरी सहेली पर भी शक किया। हे भगवान
ऐसा है सोना, ऐसी चीज है सब को आकर्षित करता है, मगर इतने बड़े घर की लड़की चोर कैसे?
उन के पिता ने दो शादी की थी, ये पहली पत्नी की औलाद है शायद
दूसरी पत्नी के बाद उनकी हैसियत नहीं रही हो तो चोरी की आदत पड़ गई हौ।
क्या बोल सकते हैं?
हां अब कल उनको अपने साथ ले आना और लाकर से गहने ले जाना
कमाल करा बड़ी भाभी ने जिस के गहने चुराये उसे साथ ले गए।

