उपजिलाधिकारी न्यायालय का अहलमद रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
◆ एण्टी करप्शन टीम की छापेमारी से तहसील कर्मियों में अफरातफरी
बिल्थरारोड /बलिया एण्टी करप्शन टीम ने शुक्रवार को न्यायालय उपजिलाधिकारी के अहलमद को खतौनी ठीक करने के नाम पर भू-स्वामी से रिश्वत लेते रंगो हाथो पकड़ लिया। इस सम्बन्ध में पीड़ित ने अपनी शिकायत वाराणसी मंडल के एंटी करप्शन टीम से कई गयी थी। एण्टी करप्शन टीम की छापेमारी से तहसील कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। पकड़े गए कर्मचारी को लिखा पढ़ी के बाद छापेमारी टीम ने उसे उभांव पुलिस के हवाले कर दिया।
नगरा थाना क्षेत्र के गौरीटार निवासी हरिश्चंद यादव ने बिहराहरपुर में आफताब पुत्र मुर्तजा से 2001 में भूमि का बैमाना कराया था।
इस भूमि का दाखिल खारिज भी हो गया। बाद में अभिलेखों में गड़बड़ी के चलते खतौनी में आफताब का नाम ही अंकित रहा। इस त्रुटि को दूर करने के लिए हरिश्चंद ने तहसीलदार कोर्ट में दफा 38 के तहत वाद दाखिल किया। जिसकी रिपोर्ट तहसीलदार ने दे दी। तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद हरिश्चंद उसके अंतिम निर्णय हेतु फाइल उपजिलाधिकारी कोर्ट में दाखिल करने के लिए अहलमद वशिष्ठ मौर्या को देने पर वह उसे कोर्ट में दाखिल करने से आनाकानी करता रहा। आखिर में काफी मान-मनौव्वल के बाद उसने इस कार्य के लिए पीड़ित से 15 सौ रूपये का डिमाण्ड कर दिया। बार-बार तहसील का गणेश परिक्रमा कर थक चुके हरिश्चंद ने इसकी शिकायत वाराणसी जाकर एण्टी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक राम सागर से की। शिकायत सुनते ही टीम एलर्ट हो गयी। शुक्रवार को हरिश्चंद तहसील पहुंचे तथा उपजिलाधिकारी कोर्ट के अहलमद वशिष्ठ मौर्य से बातचीत के बाद उन्हे रिश्वत का पैसा देने के लिए तहसील परिसर से बाहर बुलाया। इस दौरान एण्टी करप्शन टीम उस पर नजर रखी हुई थी। ज्योंही अहलमद ने हरिश्चंद से रिश्वत के पैसे लिए एण्टी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथो पकड़ लिया। अधिकारियों की इस कार्यवाही की
जानकारी कर्मचारियों को लगते ही उनमें अफरा-तफरी मच गयी। बाद में अहलमद का हाथ धुलाकर टीम ने इसकी पुष्टि भी कर ली। प्रभारी निरीक्षक राम सागर ने बताया कि रिश्वत के रूप में अहलमद के पास से 5 सौ के तीन नोट पाये गये। छोपेमारी टीम ने लिखा पढ़ी के बाद पकड़े गये अहलमद को शनिवार को एण्टी करप्शन कोर्ट में पेश करने के पूर्व एक दिन के लिए उभांव पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। छापेमारी टीम में प्रभारी निरीक्षक के अलावा निरीक्षक विनोद कुमार, मुआ नरेन्द्र सिंह व आरक्षी सुनील यादव शामिल रहे।

