स्वास्थ्य विभाग ने मनाया ‘धुम्रपान निषेध दिवस’ जन जागरूकता के लिए चला ‘हस्ताक्षर अभियान’
■ ‘धूम्रपान छोड़ो और स्वस्थ वातावरण बनाओ’
मऊ। ‘धूम्रपान निषेध दिवस’ पर राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले में कई जन जागरूकता कार्यक्रम किए गए । इस क्रम में जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के द्वारा एवं एनसीडी सेल की सहयोग से हस्ताक्षर अभियान व गोष्ठी का आयोजन किया गया । इसके साथ ही धूम्रपान न करने की शपथ दिलाई गयी । समस्त कार्यक्रमों का शुभारम्भ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सतीश चन्द्र सिंह द्वारा किया गया ।
इस मौके पर सीएमओ ने बताया कि धूम्रपान एवं तम्बाकू जानलेवा है, यह जानना बेहद जरूरी है। विश्व में होने वाली मौतें और बीमारियों का एकमात्र सबसे बड़ा कारण तम्बाकू सेवन है । उन्होने कहा कि धूम्रपान छोड़ने के लिए सभी को जागरूक किया जाए ताकि एक स्वस्थ समाज के साथ-साथ स्वस्थ वातावरण कि परिकल्पना की जा सके । हम सबका उद्देश्य यह है कि राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम को समाज के हर उस व्यक्ति तक पहुंचाने की कोशिश की जाए जिससे आम जन तक धूम्रपान एवं तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया जा सके।
नोडल अधिकारी/अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ पीके राय ने बताया कि धूम्रपान करने वाला व्यक्ति न केवल अपने जीवन के लिए बल्कि अपने परिवार व समाज के लिए भी कैंसर का खतरा पैदा करता है।
जिला सलाहकार डॉ अश्विनी कुमार सिंह ने धूम्रपान एवं तम्बाकू में पाये जाने वाले जहरीले पदार्थो, एवं इसके नुकसान तथा तम्बाकू छोड़ने के फायदे नामक विषय पर विस्तृत रूप से जानकारी दी। साथ ही साथ तम्बाकू छोड़ने के फायदे, तम्बाकू एवं धूम्रपान में पाये जाने वाले तत्वों की जानकारी एवं इससे होने वाली बीमारियों तथा आम नागरिकों पर पड़ने वाले आर्थिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों एवं वैश्विक परिदृश्य पर हुए अबतक के सर्वे के बारें में विस्तार से बताया।

उन्होंने यह भी बताया कि सुन्दरता को बरकरार रखने में हमारें दांतो का बड़ा योगदान होता है, लेकिन सिगरेट में मौजूद निकोटिन दांतों को पीला कर देता है, धीरे-धीरे दांत अपनी चमक व असली रंग खो देते हैं।
इस कार्यक्रम में तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के फाइनेन्स कम लाजिस्टीक श्री दुर्गा प्रताप सिंह, सतीश कुमार, विवेक कुमार सिंह डीपीसी, जिला कुष्ठ रोग अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी एवं एनसीडी सेल से पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा प्रतिभाग किया गया।


