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भाजपा नेता सहित तीन को गोली मारने व बाइक लूटने का आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा

◆ व्यवसायी से रंगदारी वसूलने बस स्टैंड पहुंचा था आरोपी

बिल्थरारोड / बलिया। उभांव थाना क्षेत्र के हाहानाला के पास पिछले 16 जुलाई को भाजपा नेता व उसकी पत्नी सहित तीन लोगों को बदमाशों द्वारा मारी गयी गोली व बाइक लूटने की घटना में शामिल एक और आरोपी को शनिवार की सुबह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उक्त आरोपी नगर के एक व्यवसायी से रंगदारी वसूलने बिल्थरारोड बस आया हुआ था। पकड़े गये आरोपी के पास से एक पिस्टल व 4 जिन्दा कारतूस भी बरामद किया गया। बाद में उसकी निशानदेही पर भाजपा नेता की लूटी गयी बाइक भी गोरखपुर जिले से बरामद कर ली गयी।
उभांव पुलिस को शनिवार को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 16 जुलाई को भाजपा नेता व उसकी पत्नी सहित तीन लोगों को गोली मारकर घायल करने व उनकी बाइक लूटने के मामले में शामिल दूसरे आरोपी को भी बिल्थरारोड बस स्टेशन से शनिवार की सुबह गिरफ्तार कर किया। घटना के सम्बन्ध में उभांव एसएचओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उक्त घटना में शामिल दूसरा आरोपी उभांव थाना क्षेत्र के मतऊ का पुरा (सोनाडीह) निवासी रामप्रताप यादव पुत्र रामाज्ञा यादव शनिवार की सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर बिल्थरारोड नगर के व्यवसायी अभिषेक बरनवाल से रंगदारी वसूल करने बस स्टेशन आया हुआ था। इस बीच मुख्बीर की सूचना मिलने पर उभांव एसएचओ राजेश कुमार सिंह, एसएसआई राजकुमार सिंह मय हमराहियो समेत वहां पहुंच कर आरोपी की घेरा बंदी कर उसे दबोच लिया। पकड़े गये आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त 38 बोर की पिस्टल, 4 जिन्दा कारतूस बरामद करने का पुलिस ने दावा किया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 16 जुलाई को भाजपा नेता सहित सहित तीन लोगों को गोली मारने के बाद वह उसकी लूटी गयी बाइक पैशन प्रो यूपी 60 क्यू 0292 लेकर बेलीपार थाना के एकला बांध पहुंचा तथा वाहन वही छोड़ दिया। आरोपी द्वारा दी गयी जानकारी के बाद उभांव एसएचओ ने जब इस बावत बेलीपार थाना के एसएचओ से संपर्क किया तो जानकारी मिली की एकला बंधा के समीप उक्त दिन बेलीपार पुलिस द्वारा एक बाइक लावारिस अवस्था में पायी गयी थी जिसे थाने के एसआई अक्षय कुमार मिश्र द्वारा थाने में जमा करा दिया गया था। पुलिस द्वारा उक्त बाइक को उभांव थाने लाकर जब आरोपी को दिखाया गया तो उसने उक्त बाइक को पहचान गया। पुलिस के अनुसार घटना के मुख्य आरोपी रामाश्रय द्वारा उक्त घटना को अंजाम देने के लिए राम प्रताप यादव को 50 हजार रूपये देने की बात कही गयी थी। परन्तु अभी तक उसे रूपये नही मिला था। शनिवार को रामाश्रय द्वारा उक्त आरोपी को व्यवसायी अभिषेक बरनवाल से मांग की गयी रंगदारी के रूपये वसूलने को भेजा गया था कि वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने इस मामले में पूर्व में घटित घटना में आरोपियों पर लगायी गयी भादवि की धारा 394, 307, 504, 120 बी में 411 व 3/25 की बढ़ोत्तरी कर व 7 सितम्बर को दर्ज रंगदारी के मुकदमे भादवि की धारा 386 के तहत पकडे गये आरोपी को जेल भेज दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, एसएसआई राजकुमार सिंह के अलावा आरक्षी दुर्गेश पाल, प्रशान्त कुमार सिंह, नीलमणि सिंह, दीनदयाल यादव व श्यामनारायण यादव शामिल थे।

यह थी घटना
पिछले 16 जुलाई को हाहानाला के पास अहिरूपुर मोड़ पर दो बदमाशों ने भाजपा नेता मुरलीधर वर्मा, उसकी शिक्षिका पत्नी प्रियंका वर्मा व सोनाडीह निवासी अजीत यादव को गोलीमार कर घायल कर दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में शामिल एक आरोपी राहुल यादव निवासी मतउपुरा सोनाडीह को मुखबीर की सूचना पर 4 अगस्त शनिवार की रात 9 बजकर 5 मिनट पर स्थानीय बस स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिसिया पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि 2 मार्च 2012 को पड़री गांव निवासी स्वर्ण व्यवसायी प्रेमचंद सर्राफ की हत्या में गवाह रहे उसके भाई को गवाही न देने के लिए इस कार्य को हत्यारोपी द्वारा अपने भतीजे की सहायता से दो अन्य बदमाशों को सुपारी देकर अंजाम दिया गया था। 6 वर्ष पूर्व बिल्थरारोड से घर जाते समय शाम को तेन्दुहारी गांव के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने स्वर्ण व्यवसायी प्रेमचंद सर्राफ की गोली मार कर हत्या कर दी थी। उस समय मृतक व्यवसायी का पुत्र व एक भाई वहां मौजूद थे। इस मामले में चर्चित अपराधी रामाश्रय यादव निवासी परसिया थाना मधुबन व जलालुद्दीन निवासी गजियापुर व मनोज वर्मा को आरोपी ठहराया गया था। इस मामले में गवाही न देने को लेकर पीडि़त पक्ष को बार-बार उक्त बदमाशों द्वारा धमकी दी जाती रही है। जिसकी शिकायत पीडि़तों द्वारा पुलिस से की जाती रही है। इस सम्बन्ध में पुलिस का कहना था कि प्रेमचंद हत्याकाण्ड में मृतक का छोटा भाई मोहन सोनी गवाह है। वर्तमान में उक्त हत्याकाण्ड का एक आरोपी रामाश्रय यादव देवरिया जेल में बंद है। रामाश्रय यादव नही चाहता था कि मृतक का भाई अदालत में उसके खिलाफ गवाही दे। उसने इसके लिए अपने भतीजे रविन्द्र यादव उर्फ सिपाही निवासी परसिया थाना मधुबन से बातचीत कर मृतक के भाई व भाजपा नेता मुरलीधर वर्मा की हत्या का प्लान तैयार किया ताकि एक भाई की और हत्या होने के बाद गवाह भयभीत हो जायेगा तथा उसके विरूद्ध गवाही नहीं कर पायेगा। पुलिस के अनुसार चाचा के प्लान को कामयाब बनाने के लिए रविन्द्र द्वारा अपने मित्र उभांव थाना क्षेत्र के मतदान का
पुरा (सोनाडीह) निवासी रामप्रताप यादव से बातचीत की गयी। इसके बाद वह मऊ जिले के थाना रानीगंज के ताहिरपुर गांव निवासी अजीत यादव को इस काम के लिए रामप्रताप से मिलवाया। भाजपा नेता मुरलीधर की हत्या का पूरा प्लान तैयार कर रविन्द्र अपनी गैंगेस्टर की जमानत तुड़वाकर 10 जुलाई को कोर्ट में हाजिर हो गया। जिसे देवरिया स्थित जेल में बंद कर दिया गया। पुलिस के अनुसार भाजपा नेता पर हमले की घटना से तीन दिन पूर्व अजीत द्वारा रामप्रताप के घर जाकर इस मामले को अंजाम देने के लिए रेकी की गयी थी। बताया जाता है कि गोलीबारी की घटना के एक दिन पूर्व 15 जुलाई को ही अजीत रामप्रताप के घर जा पहुंचा तथा रात को वहीं खा-पीकर वहीं सो गया। 16 जुलाई को सुबह 6 बजे राम प्रताप व अजीत असलहे के साथ पैदल ही घटना स्थल पहुंच गये। उनके साथ इस मामले में मुखबीरी करने के लिए रामपताप का भतीजा राहुल भी पहुंचा हुआ था। उसी समय अजीत यादव निवासी सोनाडीह अपनी अध्यापिका पत्नी प्रिती को मऊ जिले के तिघरा प्रा0पा0 पर छोड़कर अपने पुत्र के साथ बाइक से वापस घर आ रहा था। उधर भाजपा नेता की हत्या के उद्देश्य से घटना स्थल पर मौजूद अजीत यादव गलतफहमी में अजीत पर ही गोली फायर कर दिया। वह अभी उसपर और फायर करता तभी उसके पीछे मौजूद रामप्रताप ने उसे रोक दिया। इसी बीच मुरलीधर अपनी पत्नी के साथ सोनाडीह की तरफ से बाइक से वहां पहुंच गया। रामप्रताप के ईशारे के बाद अजीत ने उसपर फायर झोंक दिया। संयोग ये रहा कि मुरलीधर की शिक्षिका पत्नी प्रियंका द्वारा इस दौरान फेका गया बैग उक्त गोली के आड़े आ गया जिससे वह बाल-बाल बच गया।

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