देर से न्याय देना भी पीड़ित के साथ एक प्रकार का है अन्याय सरकार की विफलता से ही बलात्कारियों का मनोबल बढ़ा : तय्यब पालकी
मऊ। नगर पालिका परिषद के चेयरमैन मुहम्मद तय्यब पालकी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से देश के वर्तमान हालात पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा है कि सरकार बलात्कारियों पर अंकुश लगाने में विफल है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं अपने दल के बलात्कारी नेताओं को अविलम्ब सजा दिलाने के बजाय बचाने का प्रयास कर रही है जिसे देख देश भर में बलात्कारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के विधायक सेंगर इस की जीती जागती मिसाल है, जिसको सरकार बचाने के प्रयास में लगी रही, यहां तक कि न्यायालय को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। इसी प्रकार कुछ दिन पूर्व दिल्ली में निर्भया के साथ घटी घटना के बाद अब कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची आसिफा के साथ पवित्र धार्मिक स्थान पर बेखौफ बलात्कारियों ़द्वारा गैंग-रेप करना अत्यन्त शर्मनाक है। श्री पालकी ने देश में घटी इस प्रकार की सभी घटनाओं की सख्त शब्दों में निन्दा करते हुये सरकार से मांग की है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को जो नारियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता है उसे अविलम्ब सख्त सजा दिलाये तथा निष्पक्ष रूप से पीड़िता को निर्धारित समय के अन्दर न्याय दिलाये। उन्होंने कहा कि किसी को देर से न्याय देना भी उसके साथ एक प्रकार का अन्याय है। श्री पालकी ने पीड़ितों के साथ अपनी पूर्ण सहानुभूति जाहिर करते हुये कहा कि आरोपियों के विरूद्ध गहन जांच कर यदि वह दोषी पाये जाते हैं तो सरकार सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा उनके विरूद्ध कम से कम समय में चार्जशीट दाखिल कराना सुनिश्चित कराये तथा कम से कम समय के अन्दर न्याय प्रक्रिया पूर्ण कराते हुये पीड़िता को न्याय दिलाये। यह भी ध्यान रखा जाना अत्यन्त आवश्यक है कि इस क्रम में किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ भी अन्याय न होने पाये।
उनका कहना है कि हमारा देश एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है, जहां जुल्म, अन्याय एवं हिंसा का कोई स्थान नहीं है। यहां के सभी नागरिकों को बराबर का अधिकार प्राप्त है। सभी के जान-माल, इज्जत-आबरू, धार्मिक एवं सामाजिक अधिकारों की रक्षा एवं सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य एवं केन्द्र सरकार पर है। यदि सरकार अपने नागरिकों को ये बुनियादी सुरक्षा नहीं दे पा रही है तो उसे सरकार में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
श्री पालकी ने अपना मन्तब्य जाहिर करते हुये कहा कि हमारा सभ्य समाज अपनी सामाजिक एवं धार्मिक आस्थाओं को पीछे छोड़ कर नित नये गलत रास्तों की ओर चल पड़ा है जिसकी जिम्मेदारी हमारी सरकारों पर ही निर्भर करती है क्योंकि सरकारें गम्भीर रूप एवं सही ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करतीं जिससे समाज में असामाजिक तत्व व गलत प्रवृत्ति और गलत मानसिकता वाले लोग भयमुक्त हो कर बड़े-बड़े जुर्म अंजाम देते रहते हैं जो हमारे लिये अत्यन्त चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि हमने अपने देश की सभ्यता एवं संस्कृति को स्वयं धूमिल किया है जिसके प्रति हम अपनी सियासी और सामाजिक जिम्मेदारियों से पीछा नहीं छुड़ा सकते। अब देश की अवाम भी इसके लिये पूरी तरह जागरूक हो चुकी है। अवाम की चैकसी और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता के अभाव में ही हमारे समाज को घुन लग चुका था जिसके चलते धीरे-धीरे पूरी नसल के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। पर अब हम अपने समाजिक धरोहर, संस्कृति और नई नस्ल विशेषकर बेटियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता करने वाले नहीं हैं। हम सभी एक हैं, हमारे बीच कोई धार्मिक या सामाजिक भेद-भाव अथवा कोई विषमता नहीं है और हम सभी मिलकर देश की संस्कृति और सभ्यता की रक्षा-सुरक्षा करेंगे।
श्री पालकी ने कहा कि अब समय आचुका है कि बच्चों की शिक्षा के साथ उन्हें संस्कार का पाठ भी पढाया जाये जो भारत की पुरानी परम्परा भी रही है और जिसे एक साथ मिलकर हमारे द्वारा बचा के रखा जाना ही हम सभी भारतवासियों के लिये हितकारी है। श्री पालकी ने कहा कि हमारी सभ्यता, परम्परा, संकृति एवं संस्कार की बदौलत ही हमारा देश विश्व की बड़ी शक्तियों की कतार में खड़ा है।
अगर देश में फसाद, मारपीट, लूट व बलात्कार की घटनायें होती रहीं तो इससे विघटन कारी शक्तियों को बल मिलेगा जिससे हमारी एकता प्रभावित होगी। उन्होंने लोगों से अपील किया है कि हमें सरकार से मांग करना चाहिये कि किसी भी घटना की अन्देखी अथवा लीपा-पोती न की जाये, और जितनी जल्द हो सके उसके अस्ल दोषियों को सख्त सजा दे। इससे बुराइयां समाप्त होंगी।
पालिकाध्यक्ष तय्यब पालकी ने कहा कि बलात्कारियों के सम्बन्ध में सरकार का फैसला देर से आया हुआ सही फैसला है। इसे सरकार कानून बनाकर जल्द लागू करे। इसी प्रकार सरकार को चाहिये कि कानून को हाथ में लेने वालों व हिंसा फैलाने वालों के विरूद्ध भी कानून बनाने के लिये जल्द ही ठोस कदम उठाये।

