केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में 35 संगठनों का विरोध
रतनपुरा/मऊ। केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में 35 संगठनों ने 6 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। इसी के तहत रतनपुरा बाजार में एससी एसटी एक्ट के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से अपना प्रदर्शन किया। जिसके चलते रतनपुरा कस्बा में कहीं भी अनपेक्षित स्थिति पैदा नहीं हुई। कृष्ण मोहन सिंह एवं करण प्रताप सिंह कुन्नू समय सैकड़ों लोगों ने बेहद ही अनुशासित तरीके से एससी एसटी एक्ट में हुए बदलाव का जबरदस्त विरोध किया और नारा लगाया कि एससी एसटी एक्ट वापस लो वापस लो आंदोलनकारियों ने रतनपुरा बाजार में सम्मान बचाओ रैली के बैनर तले कई बार चक्रमण किया ।इस दौरान उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल कि रतनपुरा इकाई ने आंदोलन को समर्थन देते हुए रतनपुरा बाजार बंद करने की घोषणा कर दी थी। जिसके चलते रतनपुरा बाजार पूरी तरह से बंद रहा। इस बीच थाना अध्यक्ष विनय कुमार सिंह के मोबाइल फोन पर उनके घर से फोन आया कि उनके 12 वर्षीय पुत्री की दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। जिससे आंदोलनकारियों का मन आहत हो गया .और उन लोगों ने नारेबाजी बंद करके अपना आंदोलन भी ठप कर दिया।
दरअसल, 20 मार्च 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट के दुरुपयोग को लेकर चिंता जाहिर की थी और इस कानून के तहत प्राथमिकी (दर्ज) होते ही आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। साथ ही कोर्ट ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत का भी प्रावधान किया।
फैसले के खिलाफ आरक्षित वर्ग सड़कों पर उतर आया और हिंसक प्रदर्शन हुआ। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में किसी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2018 संसद से पारित कराया।

