मऊ की बेटी डा. सोनी को मिलेगा सरकार से यशपाल कथा सम्मान
■ कहानी संग्रह बलमा जी के स्टूडियो पर प्रतिष्ठित यशपाल कथा सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के वर्ष 2018 के सम्मान /पुरस्कार की घोषणा उ0प्र0 हिन्दी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सदानन्द प्रसाद गुप्त की अध्यक्षता में शुक्रवार को गठित पुरस्कार समिति की बैठक में की गयी। जिसमें सर्वसम्मति से सम्मानों/पुरस्कारों हेतु विद्वानों के नामों के चयन में आजमगढ़ मण्डल मुख्यालय के मऊ जनपद की बेटी सोनी पाण्डेय के कहानी संग्रह बलमा जी के स्टूडियो पर प्रतिष्ठित यशपाल कथा सम्मान देने की घोषणा हुयी। 
इस सम्मान की सूचना मिलते ही डा. सोनी पाण्डेय के परिजन, शुभचिंतक खुशी से झूम उठे।
मऊ नगर के जीवन राम इण्टर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य शेषमणि त्रिपाठी व श्रीमती तारा देवी की बेटी डा. सोनी पाण्डेय की शिक्षा लक्ष्मण भारती, कमला शान्ति खण्डेलवाल बाल विद्यालय, सोनी धापा इण्टर कालेज के साथ-साथ डी.सी.एस.के. पी.जी कालेज में हुआ है। आपने वर्ष 1998 में यही से हिन्दी से एम.ए. किया। आपके भाई डॉक्टर निर्भय त्रिपाठी ने कहा कि यह हमारे जनपद के लिए बड़ी उपलब्धि है कि छोटे से जनपद से शिक्षा ग्रहण कर मेरी बहन ने हिन्दी साहित्य की मुख्य धारा में जगह बनाई है।
इन्होनें पी .एच. डी. (निराला का कथा साहित्य:कथ्य और शिल्प), कथक डांस जूनियर डिप्लोमा, बाम्बे आर्ट की डीग्री हासिल की है। इनके चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। जिसमें मन की खुलती गिरहें (कविता संग्रह) 2014, बलमा जी का स्टूडियो (कहानी संग्रह)2018, संपादित पुस्तकें- कथाकार उषाकिरण खान की कहानियों के विविध आयाम, (प्रकाशकाधीन -स्वराज प्रकाशन), मैं और मेरे बचपन के दिन-स्त्री लेखिकाओं के संस्मरणों पर केन्द्रित (प्रकाशकाधीन-रश्मि प्रकाशन) से हो चुकी हैं।
इसके अतिरिक्त कई साझा संग्रहों में कविता, कहानी प्रकाशित हुई है।
इनके लेख, कहानी, कविता पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन-कथादेश, कथाक्रम, परिकथा, नया ज्ञानोदय, पाखी जनपथ, समावर्तन, कृतिओर, साक्षात्कार, दुनिया इन दिनों, यथावत, अदहन, सदानीरा, संवेदन, बाखली, शैक्षिक दखल, इन्द्रप्रस्थ भारती, सृजनलोक, कविता विहान, संप्रेषण, लमही, निकट, बयां, अभिनव कदम, अहा जिन्दगी, जनसत्त्ता, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, नई दुनिया, जन संदेश टाइम्स, दैनिक भास्कर, दबंग दुनिया आदि में प्रकाशित हैं ।
आनलाईन प्रकाशन में हिन्दी समय, स्त्रीकाल, हमरंग, अनुनाद, सिताबदियारा, पहलीबार, इण्टरनेशनल ब्लाग, लाईव इण्डिया बेबसाईट आदि ब्लागों पर निरन्तर कविता कहानी लेखों का प्रकाशन। शिरकत-रजा फाउंडेशन के युवा 2017,18 में प्रतिभाग भी किया है।
सम्मान..पहली कविता की किताब “मन की खुलती गिरहें”को 2015 का शीला सिद्धांतकर सम्मान, 2016 का अन्तराष्ट्रीय सेतु कविता सम्मान (सेतु पत्रिका की आनलाईन प्रतियोगिता में, 2017–का कथा समवेत पत्रिका द्वारा आयोजित ” माँ धनपती देवी कथा सम्मान”, 2018 में संकल्प साहित्य सर्जना सम्मान (बलिया की संकल्प संस्था द्वारा मिला है।

