खास-मेहमान

सात समंदर पार से बिहारी छोरे से शादी रचाने भारत पंहुची फिलीपींस की छोरी

@ आनन्द कुमार…

सात समंदर पार मैं तेरे पीछे-पीछे आ गई, ओ जुल्मी मेरी जान, मैं तेरे कदमों के नीचे आ गई, सात समंदर पार मैं तेरे पीछे पीछे आ गई… फिल्म विश्वात्मा में साधना सरगम की आवाज पर दिव्या भारती का अभिनित यह गीत इन दिनों बिहार के गोपालगंज जिले में लोगों की जुबां पर खूब थिरक रहा है। थिरकेगा भी क्यों नहीं सात समंदर दूर से चलकर फिलीपींस की दुल्हनिया ब्याह रचाने के लिए बिहार के छोरे से भारत जो आई है। जिस विदेशी बाला को न हिन्दी आती हो और जिसे भारत की संस्कृति, सभ्यता का कोई ज्ञान हो, जिसे हिन्दू धर्म का एबीसीडी के बारे में पता न हो, वे बिहार के लड़के के प्रेम में ऐसे डूबी की सीधे जहाज पकड़ कर भारत आ गई। भारतीय संस्कृति सभ्यता में लाल चुनरी पहनकर, बकाएदे सोलह श्रृंगार कर दुल्हन बनी और ब्याह कर पति पत्नी के पवित्र बंधन में बंध गई‌।

बताते चलें कि गोपालगंज के मुरार बतरहा के नागरिक 18 मई 2022 को एक अनोखी शादी के गवाह बने। वे कभी सोचे भी नहीं थे की किसी विदेशी लड़की का शादी अपने गांव में देखेंगे और दुल्हा उनके साथ खेला कूदा उनके बीच का होगा। सबकुछ स्वप्न सा था लेकिन हकीकत था। युवक के प्यार में दीवानी विदेशी बाला गोपालगंज जिले के फुलवारिया थाना क्षेत्र के मुरार बतरहा गांव पहुंची तो, उसके आने की खबर आग की तरह फैल गई। वे गांव के बीरेंद्र खरवार के 28 वर्षीय पुत्र धीरज खरवार से प्रेम कर बैठी थी। फिलीपींस की रहने वाली वेलमिंडा डूमरन जब गांव आई तो सब उसे निहारने लगे। जो जहां था उसे एक झलक देखना चाहता था।
बकाएदे दोनों का विवाह जयमाल के साथ एक दूसरे को वरमाला पहना कर सम्पन्न हुआ। उसके बाद शादी के मंडप दोनों ने साथ फेरे लिए। दुल्हनिया वेलमुन डुमरा बकाएदे हिन्दू धर्म के हर रिति रिवाज के साथ विवाह के नियम कानून का पालन की। उसने मंत्रों को पढ़ने में कठिनाई तो हुई लेकिन बोलने की कोशिश कर बोलती रही। वे अपने प्यार की खातिर बिहारी प्रेमी धीरज प्रसाद के साथ हिंदू रीति-रिवाज और पूरे विधि-विधान के साथ शादी रचा कर उसकी दुल्हन बन गई। सबसे ज्यादा परेशानी डुमरा के ससुराल में महिलाओं को हुई। न वे उसकी भाषा समझ पा रही थी न डुमरा उनका।

भारत का दुल्हा और फिलीपींस की दूल्हन की प्रेम कहानी अलग ही है। बिहार का धीरज खरवार होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर नौकरी के लिए कुवैत चला गया। वहां पर उसकी उसकी मुलाकात वेलमिंडा डूमरन से हुई। धीरे-धीरे दोनों की मुलाकात प्यार में बदल गई‌। धीरज ने अपने प्यार को शादी के रिश्ते में बदलना चाहा तो वेलमिंडा इस बात के लिए तैयार हो गई‌। दोनों ने शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया। दूल्हे के परिजनों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और फिर शादी की तारीख तय समय पर सम्पन्न हुई। शादी में सैकड़ों लोग शिरकत करने के लिए पहुंचे। जिसे निमंत्रण नहीं था वह भी शामिल होने पंहुच गये। दुल्हन के परिजन विजा न मिलने के कारण भारत नहीं आ सके।

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