सुप्रीम कोर्ट ने पेशेंट केयर एलाउंस बंद करने पर केंद्र को भेजा नोटिस, AIIMS दिव्यांग फेडरेशन ने बताया बड़ी जीत
नई दिल्ली। एम्स दिव्यांग फेडरेशन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने वित्त मंत्रालय, केंद्र सरकार और देश के कई केंद्रीय अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उन आदेशों को चुनौती देने पर भेजा गया है, जिनके तहत AIIMS और विभिन्न केंद्रीय अस्पतालों में कार्यरत ग्रुप C और ग्रुप D कर्मचारियों का पेशेंट केयर एलाउंस 1 जुलाई 2025 से बंद कर दिया गया था।
एम्स दिव्यांग फेडरेशन के अध्यक्ष श्री संतदेव चौहान, जो एम्स नई दिल्ली में कार्यरत हैं, ने बताया कि पेशेंट केयर एलाउंस बंद होने से हजारों कर्मचारी प्रभावित हुए थे। पीड़ित कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए फेडरेशन ने 30 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी, जिसके बाद अब उन्हें बड़ी राहत मिली है।
कौन-कौन से अस्पतालों को मिला नोटिस
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई करते हुए निम्नलिखित अस्पतालों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है—
AIIMS नई दिल्ली
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, दिल्ली
AIIMS पटना
AIIMS ऋषिकेश
AIIMS जोधपुर
AIIMS रायपुर
रेलवे अस्पताल, जबलपुर
रेलवे अस्पताल, वाराणसी
रेलवे अस्पताल, प्रयागराज
CAPFIMS हॉस्पिटल, नई दिल्ली
रेलवे अस्पताल, मुरादाबाद
नोटिस जारी होने के बाद सभी अस्पतालों के कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
फेडरेशन बोला – “यह आंदोलन की बड़ी जीत”
सुनवाई के दौरान फेडरेशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ सिंह चौहान और अन्य वकील उपस्थित रहे। फेडरेशन ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी नोटिस को अपने आंदोलन की “महत्वपूर्ण जीत” बताया।
फेडरेशन का कहना है कि वे आगामी विस्तृत सुनवाई में पेशेंट केयर एलाउंस बहाल करने की अपनी मांग को और मजबूती से पेश करेंगे।

