विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का आयोजन
मऊ। विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा दिनांक 11 जुलाई 25 जुलाई 2018 के मध्य मनाया जाता हैं। इसी अवसर पर दिनांक 12 जुलाई 2018 को हिन्दी भवन के सभागार में जनसंख्या स्थिरता पखवाडा के विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम ‘‘एक सार्थक कल की शुरुआत, परिवार नियोजन के साथ‘‘ है, संगोष्ठी की शुरूआत स्वागत गीत के साथ आरम्भ किया। सर्वप्रथम परिवार नियोजन के स्थायी नियोजन की विधियों के बारें में भी अवगत कराया गया, उसके पश्चात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, श्रीमती सुनीता सिह द्वारा परिवार नियोजन के माइक्रोप्लान पर लोगों का विशेष ध्यान दिलाया एवं साथ ही यह कहॉ कि अगर परिवार नियोजन कार्यक्रम में गति प्रदान करनी है तो सभी को अपनें दायित्वों का निर्वाह करना पड़ेगा। उसके पश्चात जिला सामुदायिक प्रकिया प्रंबधक संतोष सिंह द्वारा समस्त आशाओं व ए0एन0एम0 को यह बताया कि यह पखवाड़ा दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। प्रथम चरण- 27 जून से 10 जुलाई 17 तक दम्पत्ति सम्पर्क पखवारा एवं द्वितीय चरण- 11 जुलाई 17 से 25 जुलाई 2018 तक जनसंख्या स्थिरता पखवाडा के रूप में मनाया जायेगा। दम्पत्ति सम्पर्क पखवाडा के दौरान आशाओं के द्वारा परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जाय। परिवार नियोजन के दो नये संसाधन जो कि हमारे यहॉ उपलब्ध हैं उसके बारे में विस्तृत रुप से बताया कि अंतरा हर 3 माह पर लगने वाला एक इंजेक्शन है जो गर्भवती महिला को प्रत्येक 3 माह में लगना है। जब तक महिला अगला बच्चा ना चाहें। अंतरा का इंजेक्शन अभी वर्तमान में जनपद के जिला महिला अस्पताल में निशुल्क लगया जा रहा है। उसी प्रकार छाया(सेंटका्रेमेन) जो कि खाने की गोली है। जिसका कोई भी साइट् इफेक्ट नही है। यह गोली माहवारी के 3 दिन बाद से महिला को लेना शुरु कर देना है। शुरु के 3 महीने तक महिला को हफ्तें में 2 गोली खानी है, जबकि 4 महीनें से एक गोली लेनी है। इसके पश्चात अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर0सी0एच0 डा0 पी0के0 राय द्वारा बताया गया कि पुरूष नसबन्दी महिला नसबन्दी से काफी आसान है एवं भविष्य में इसे हटानें में महिला की अपेक्षा पुरूष में कम कठिनाई आती है। वर्तमान में जनपद में अभी सिर्फ 2 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्दा्रें पर संचालित है। कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपनें दायित्वों का निर्वाहन अगर पूरी निष्ठा के साथ करें तो उसका उचित परिणाम मिलेगा। इस पखवाड़ें के दौरान पी0पी0आई0यू0सी0डी0 लगवानें पर आशा कार्यकत्री को प्रति केस प्रोत्साहन राशि रू0-150 दी जायेगी। साथ ही दिनांक 21 जुलाई, 2018 को पुरूष नसबन्दी शिविर का आयोजन जिला चिकित्सालय, मऊ में किया जा रहा है, जिसमें आशाओं को प्रति लाभार्थी प्रोत्साहन राशि रू0-300 दी जा रही है। उन्होने सभी से यह आह्वान किया कि दिनांक 21 जुलाई को प्रत्येक माह पुरूष नसबन्दी दिवस पर अधिक से अधिक संख्या में पुरूष नसबन्दी करायें। आन्नद पाण्डेय फेमिली प्लानिंग स्पेस्लिस्ट टी0एस0यू0 द्वारा इस पखवाडें के दौरान उपकेन्द्र स्तर पर नियत दिवस मंगलवार व शुक्रवार को ए0एन0एम0 द्वारा आई0यू0डी0 इन्सर्शन (लूप निवेशन) शिवरों का आयोजन किया जायेगा । वित्तीय वर्ष 2017-18 में परिवार कल्याण के क्षेत्र में उत्तम कार्य करने वाले सेवा प्रदाओं चिकित्सक, स्टाफ नर्स, ए0एन0एम0,आशा को सम्मानित किसा जायेगा । कार्यक्रम के अन्त में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा0 सतीश चन्द्र सिंह ने परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी विधियों को समुदाय में प्रचार-प्रसार किया जाना आवश्यक है, जिससे हम जनसंख्या पर नियऩ्त्रण कर सकें।
उक्त संगोष्ठी में समस्त ब्लॉक के अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, डोमनपुरा, भरहू का पुरा, छोटी महरनियां, हनुमान नगर, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धक, बी0सी0पी0एम0, शहरी ए0एन0एम0, शहरी आशा, समस्त आशा संगिनी , डी0पी0एम0 डेप्क्यू0 के प्रतिनिधी, श्री पंकज सिंह चौहान, परिवार नियोजन विशेषज्ञ एवं बी0एस0ए0 के प्रतिनिधी, डा0 मिथिलेश रस्तोगी, डा0 अश्वनी सिंह एव स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा परिवार नियोजन के संसाधनों का स्टाल लगाया गया। अन्त में जिला कार्यक्रम प्रंबधक श्री रविन्द्रनाथ द्वारा समस्त आगन्तुकों का आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का संचालन संतोष सिंह जिला सामुदायिक प्रकिया प्रंबधक मऊ द्वारा किया गया।

