नदी चिंतन–2025 : मऊ में नदियों पर होगा मंथन
मऊ। जनपद मऊ में पहली बार नदियों और जल–तीर्थों की स्थिति पर व्यापक संवाद होने जा रहा है। 28 सितंबर, रविवार को पालिका कम्युनिटी हॉल में सुबह 10 बजे से “नदी चिंतन–2025” का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नदियों की मौजूदा दशा, उनसे जुड़ी चुनौतियों और उनके संरक्षण के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
इस अवसर पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रो. राजीव प्रताप सिंह मुख्य वक्ता होंगे। वे जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और नदियों की पारिस्थितिकी पर अपने विचार साझा करेंगे।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता एवं राष्ट्र जागरण अभियान की संस्थापिका सुबूही खान विशेष वक्ता के रूप में नागरिकों की भूमिका, संवैधानिक जिम्मेदारियों और नदियों के अधिकार पर मार्गदर्शन देंगी।
इस आयोजन की जिम्मेदारी लोक दायित्व ने ली है, जो मूल सरयू बचाओ अभियान के साथ मिलकर नदियों और पर्यावरण संरक्षण पर सतत कार्य कर रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल संवाद का मंच नहीं, बल्कि एक आंदोलन का स्वरूप ग्रहण करेगा, जिससे समाज नदियों की रक्षा के लिए आगे आएगा।
लोक दायित्व के केंद्रीय संयोजक डॉ. पवन कुमार ने बताया कि मऊ जनपद में इस तरह का यह पहला प्रयास है और विश्वास है कि यह पहल पूरे क्षेत्र में जल संरक्षण की दिशा में नई चेतना जगाएगी।
