सेक्रेड हार्ट स्कूल में हिंदी दिवस पर पलक राज प्रथम, गौरी चौहान द्वितीय व अमृता यादव को तृतीय स्थान
मोहम्मदाबाद गोहना/मऊ । कालिंदीपुरम स्थिति सेक्रेड हार्ट स्कूल में हिंदी दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया । सर्वप्रथम माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर व दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि डॉ अजय विक्रम सिंह क्षेत्राधिकारी आज़मगढ़ ने कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की ।
इस अवसर पर विभिन्न विषयों पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । प्रतियोगिता में “आधुनिकता एवं भारतीयता” विषय पर बोलते हुए मानविकी की छात्रा पलक राज ने प्रथम, “सामाजिक जिम्मेदारी में बुजुर्गों का योगदान” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए जीवविज्ञान की छात्रा गौरी चौहान ने द्वितीय व “अनुभवों से सीख एवं ज्ञान का प्रभाव” विषय पर उद्गार व्यस्त करते हुए आठवीं की छात्रा अमृता यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया । उपस्थिति दर्शक समूह द्वारा ताली बजा कर कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे सभी छात्रों/छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया ।
मुख्य अतिथि डॉ अजय विक्रम सिंह ने कहा कि हिन्दी केवल एक भाषा ही नहीं है बल्कि देश की आत्मा है, जो सभी देशवासियों को एक सूत्र में बांधे हुए है । बच्चों की प्रस्तुति पर निर्णायक मंडल में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ जय प्रकाश निषाद, राष्ट्रीय सहारा के ब्यूरो चीफ प्रदीप सिंह, अमर उजाला के संवाददाता संजय राय एवं दैनिक मान्यवर के पत्रकार आनन्द कुमार को निर्णय लेने में अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
मुख्य अतिथि डॉ अजय विक्रम सिंह ने कहा कि हिन्दी केवल एक भाषा ही नहीं है बल्कि देश की आत्मा है, जो सभी देशवासियों को एक सूत्र में बांधे हुए है । बच्चों की प्रस्तुति पर निर्णायक मंडल में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ जय प्रकाश निषाद, राष्ट्रीय सहारा के ब्यूरो चीफ प्रदीप सिंह, अमर उजाला के संवाददाता संजय राय एवं दैनिक मान्यवर के पत्रकार आनन्द कुमार को निर्णय लेने में अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
कार्यक्रम में शामिल सौरभ कुमार, आयुष गुप्ता, यश चौहान, अवनीश पांडे, उन्नति गुप्ता, कृति वर्मा, सारिका यादव, देविका पांडे, पलक सिंह, गंगोत्री पांडे व अमृता भारती के सराहनीय प्रयास के लिए प्रशांति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक हरिकृष्ण बरनवाल व प्रिन्सिपल डॉ किरन कृष्ण ने सभी का आभार प्रकट किया। समारोह को सफल बनाने में सतीश राघवन, तुलसीधरन, दीपक गुप्ता, बलराम ठाकुर, धीरेन्द्र सिंह, ज्ञानप्रकाश ओझा, उमा वर्मा, इंद्रकुबेर आदि का सहयोग विशेष सराहनीय रहा ।







