बारिश में डेंगू से बचने को बरतें खास सतर्कता : सीएमओ

● पानी उबालकर पियें, पहनें पूरी बांह के कपड़े और मोजे
● घर के आस-पास रखें साफ-सफाई, करें मच्छरदानी का प्रयोग
● जनपद में सभी सीएचसी / पीएचसी और सदर अस्पताल में डेंगू की निःशुल्क जाँच, दवा और चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध
मऊ। बारिश के मौसम में डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए खास सतर्कता बरतने की जरूरत है। कोरोना काल में इन मौसमी बीमारियों को लेकर डरने नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि इन बीमारियों के लक्षण लगभग मिलते-जुलते हैं। इसलिए सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी की स्थिति में अपने आपसे कोई दवा न लेकर सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर चिकित्सक के परामर्श से ही दवा लेने की जरूरत है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम नारायन दुबे का
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि भारत में डेंगू बुखार मानसून के समय फैलता है, तब इस बीमारी का बहुत ज्यादा खतरा रहता है। यह बीमारी मॉनसून के समय आती है और इसी समय सबसे ज्यादा लोग इस बीमारी से पीड़ित होते हैं। मॉनसून के साथ डेंगू के मच्छर पनपते हैं। वर्तमान समय में कोरोना का संक्रमण काल भी है। इसलिये सभी को लक्षणों के आधार पर स्वयं भी इन रोगों की पहचान होनी चाहिये और साथ ही इससे बचाव के उपाय भी करने चाहिये।



अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वेक्टर बार्न डॉ आरवी सिंह ने बताया कि डेंगू की शुरूआत तेज बुखार, सिरदर्द और पीठ में दर्द से होती है। शुरू के 3 से 4 घंटों तक जोड़ों में भी बहुत दर्द होता है। आंखें लाल हो जाती हैं। डेंगू बुखार 2 से 4 दिन तक रहता है और फिर धीरे-धीरे तापमान सामान्य हो जाता है। बुखार के साथ-साथ शरीर में खून की कमी हो जाती है। शरीर का तापमान बढ़ जाता है और ब्लड-प्रेशर भी नार्मल से बहुत कम हो जाता है। जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी और सदर अस्पताल में डेंगू की निःशुल्क जाँच, दवा और चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध है।
जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया कि डेंगू बुखार को गाँवों में हड्डीतोड़ बुखार के नाम से भी जाना जाता है। इस रोग को जन्म देने वाला मच्छर स्वच्छ रुके हुए कम पानी में पैदा होता है, जैसे नारियल की खोल, टायर, छत या बाहर बेकार पड़े बर्तन, फ्रिज की ट्रे, कूलर की टंकी आदि। इसलिए पानी इनमें एकत्र न होने दें | यह डेंगू मच्छर इंसान को दिन में काटता है, जमीन से डेढ़ से दो फिट से ज्यादा ऊपर नहीं उड़ सकता है।
बेदी यादव ने बताया कि इससे बचाव के लिये बरसात से पहले सफ़ाई सुनिश्चित करें और लोगों में जागरूकता लायें और बताएं कि डेंगू की रोकथाम के लिए क्या करें, क्या न करें, शुद्ध पेयजल या पानी उबाल कर पियें। पूरी बांह के कपड़े व मोजे पहने। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। उथले हैंडपंपों के पानी का इस्तेमाल न करें। पेयजल स्रोतों, संसाधनों से शौचालयों के सीवर को दूर रखें। तालाब, और नालियों की नियमित सफाई करें। संक्रमण और प्रदूषण की उत्तरदायी खुली नालियों को ढक कर रखें, गंदगी को कूड़ेदान में डालें। हर सप्ताह विशेष रूप से रविवार को अपने घर में जल के सभी स्रोतों की सफाई अवश्य करें।

