स्वच्छता ही मलेरिया से बचाव का एक मात्र उपाय, मादा एनाफिलीज मच्छर फैलाती है ‘मलेरिया’

● जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क जाँच व इलाज उपलब्ध

मऊ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्याम नरायन दुबे ने बताया कि मलेरिया से बचने का उपाय सिर्फ जन जागरूकता और स्वच्छता ही है। थोड़ी सी सावधानी से ही मलेरिया से बचा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि बुखार, पसीना आना, शरीर में दर्द, उल्टी आना और सांस का फूलना इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं। इस रोग से बचने के लिए घर के आस-पास गंदगी और पानी इकठ्ठा न होने दें। रात में मच्छरदानी का प्रयोग कर सुरक्षित रहें। मलेरिया की निःशुल्क जांच जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वेक्टर बार्न डॉ आर वी सिंह ने बताया कि मलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो परजीवी रोगाणु से होती है तथा मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। मलेरिया एक परजीवी रोगाणु से होते हैं जिसे प्लाज्मोडियम कहते हैं। यह रोगाणु व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं में फैल जाते हैं, जिसके कारण मलेरिया होता है। यदि मरीज़ को समय पर अच्छी तरह संपूर्ण इलाज मिले तो मलेरिया से लक्षण जल्द ही ठीक होने लगते हैं। पूरी तरह ठीक होने में मरीज को कम से कम दो हफ्ते का समय लगता है। ठीक से इलाज न होने पर कई बार बीमारी पुनः उभर जाती है।

जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया कि मलेरिया का रोग व्यक्ति से मच्छर में और मच्छर से व्यक्ति में फैलता है कारण स्वस्थ व्यक्ति को अगर मलेरिया मच्छर काट ले तो फिर दूसरे प्रजाति का मच्छर इस व्यक्ति को काटता है तो उसके शरीर में मलेरिया के जीवाणु प्रवेश करते हैं। अगर वह संक्रमित मच्छर किसी और व्यक्ति को काटता है। तो उस व्यक्ति को भी मलेरिया का संक्रमण हो जायेगा।

बेदी यादव ने बताया कि जन समुदाय अपने घर के आसपास साफ-सफाई रखें, जल भराव न होने दें, क्योंकि बरसात के समय में गड्ढों में, बड़े बर्तनों में, टायरों में जल जमा हो जाता है । ज्यादा दिन तक एक ही स्थान पर इकट्ठा रहने के कारण पानी में लार्वा पनपते हैं। हर शनिवार और रविवार खुली जगहों में जमा पानी को नष्ट करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Mau Tv