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डीजे वाले बाबू जरा गाना बजा दो! तेज आवाज में गाना बजाया तो खैर नहीं : मजिस्ट्रेट

मऊ। शादी विवाह का सीजन चल रहा है ऐसे में मांगलिक आयोजनों में धूम धड़ाका ना हो तो लोगों का मन नहीं मानता। शादी विवाह में डीजे अपना स्थान बना लिया है। डीजे के बिना ना तो दूल्हे पक्ष को चैन मिलती है और ना ही दुल्हन पक्ष को। किसी आयोजन में एक पक्ष इसके विरोध में हो तो दूसरे पक्ष की चाह के आगे उसे झूकना पड़ता है‌। इन दिनों डीजे की मांग इस कदर बढ़ी है कि शादी विवाह समारोह में से बैंड बाजा, शहनाई, ढोल व नगाड़े आदि विलुप्त से होते जा रहे हैं। ऐसे में डीजे बजाकर लोगों का तेज आवाज में थिरकने और झूमने का शौक अब आम जनता व प्रशासन के गले की हड्डी बनती जा रही है। डीजे से न सिर्फ लोगों को मानसिक परेशानी हो रही है बाकी बल्कि डीजे से मौत के भी समाचार अब मिलने लगे हैं। ऐसे में मऊ जिला प्रशासन ने डीजे को लेकर काफी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। नगर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन में बकाएदे एक आदेश जारी कर डीजे बजाने के क्रम में डीजे वालों एवं पोर्टल मैरिज हाल शादी विवाह आदि स्कूलों में के आयोजकों को स्पष्ट चेतावनी दी है। नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि ऐसी शिकायत प्राप्त हो रही है कि विवाह शादी आदि उत्सव पर मैरेज हाउस मालिकों तथा डीजे मालिकों द्वारा तीव्र ध्वनि प्रदूषण फैलाया जा रहा है, जिसके कारण आसपास की इमारतों में कंपन तथा लोगों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोक स्वास्थ्य और पर्यावरण को खतरा है। इसके दृष्टिगत समस्त गेस्ट हाउस मालिकों तथा डीजे मालिकों को नोटिस जारी की गई है कि गेस्ट हाउस परिसर के अंदर तथा मोहल्ला के परिसर के अंदर में मंद ध्वनि नियंत्रित रखें अन्यथा की स्थिति में गेस्ट हाउस मालिकों और डीजे मालिकों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। समस्त थानाध्यक्षों को नोटिस तामील कराने तथा कठोर कार्रवाई किए जाने का आदेश किया गया है।

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