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आशियाना समेटने में जुटे, घाघरा से प्रभावित बिन्टोलिया के गांववासी

( पवन कुमार पाण्डेय )
मधुबन । बीते 24 घंटे में घाघरा नदी का जलस्तर तो स्थिर रहा लेकिन नदी का पानी न तो बढ़ा और नहीं कम हुआ मगर मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा में घाघरा नदी के सबसे अंतिम छोर पर बसे विन्दटोलिया गांव पर संकट गहराता जा रहा है । पिछले तीन-चार दिनों से नदी जिस तेजी से कटान कर रही है, उससे इस गांव का क्षेत्रफल धीरे धीरे से सिकुड़ता जा रहा है ।हालात यह है कि पिछले 3 से 4 दिनों में इस गांव की करीब 30 से 35 एकड़ भूमि साथ में गांव के दिनेश, बालेश्वर, श्रवण, चन्द्रिका, इंद्राशन, राज कुमार, शिव कुमार, गोपाल एंव लालू कुल 9 लोगों के मकान या तो नदी  में पूरी तरह विलीन हो चुकी है या नदी अपने आगोश में लेने के लिए अगडाइया भर रहा है । नदी की कटान रोज ही तेज होती जा रही है । ऐसे में सवाल उठता है कि यदि कटान की यही रफ्तार रही तो इस गांव का वजूद ही समाप्त हो जाएगा । वर्तमान में इस कटान को रोकने का कोई उपाय भी नहीं है। इसलिए लोग अपने घरों को तोड़ उसके अवशेष को समेटने में लगे हैं । आखिर यह लोग कर भी क्या सकते है । कटान तो रोक नहीं सकते तो इससे पहले कि सबकुछ नदी में समा जाए जितना संभव हो सकें उसे बचा लिया जाये । लगभग 2 से ढाई हजार की आबादी वाले इस गांव का प्रत्येक परिवार दहशत के साए में जीने को विवश है।

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