BHU की डा. इन्दु चौधरी को अमेरिका में मिला सावित्री बाई फुले इण्टरनेशनल अवार्ड
( आनन्द कुमार )
एक बेटी जिसने अपने मन में समाज को बदलने की चेष्टा ठानी हो। नौकरी करने के साथ-साथ समय निकाल कर हर पल समाज के लिए जीना और मरना चाहती हो, जिसने पढ़ाई और नौकरी के दौरान अब तक लाखों लोगों को अपने वाकपटुता व समाज के महापुरुषों के संदेश से जोड़ रखा हो। जो गांव की पगडंडी और शहरों के सैलाबों में पहुंच दलित समाज के महापुरुषों के योगदान की पाठशाला चला रही हो, उस शख्सियत को डॉ अंबेडकर एसोसिएशन, ऑफ नार्थ अमेरिका के द्वारा सावित्रीबाई फुले इंटरनेशनल अवार्ड 2021 से नवाजा गया हो तो उनके प्रशंसकों के बीच खुशियों से झूम उठना लाजिमी है।
जी हां मैं बात कर रहा हूं, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी विषय की प्रोफेसर डॉ इंदु चौधरी की। यही वे शख्स हैं जिन्हें अमेरिका की संस्था ने 29 मई 2021 को कैंटन अमेरिका में आयोजित वर्चुअल मीटिंग में विश्व के अनेक लोगों की मौजूदगी में अध्यक्ष की ओर से यह सम्मान प्रदान किया गया है।
उन्हें यह पुरस्कार महिलाओं के बीच अधिकार जागृति व अपने समाज के महापुरुषों के मिशन और उनके आदर्शों को जीवन में उतारने के लिए प्रेरणा देने हेतु दिया गया है। डा. इन्दु को सम्मान मिलने की सूचना मिलते ही भारतवर्ष में उनके हजारों शुभचिंतकों ने उन्हें फोन, सोशल मीडिया और मिलकर बधाई दिया है और कहा कि हमें डा. इंदु चौधरी पर गर्व है।
डा. इन्दु लोगों के घर-घर व गांव-गांव जाकर, हजारों हजार की संख्या में बड़ी रैली आयोजित कर समाज के लोगों का दुख दर्द पूछती है, उनकी आंखों के आंसू पोछने का काम करती हैं। वे हर पल निर्बल महिलाओं को आत्मबल देती हैं। यह सभी काम वे विश्वविद्यालय से खाली होते ही, व गर्मियों की छुट्टियों में दलित समाज के आदर्श और महापुरुषों के विचारधारा को गांव-गावं लोगों के बीच जाकर जागरूक करती हैं। उन्हें उनकी महत्ता को बताती हैं। उनके इस कार्य में उनके पति महेंद्र प्रताप सिंह सहयोग करते हैं। सोशल मीडिया पर समर्थक कहते हैं, डॉ इंदु चौधरी का डंका भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बज रहा है। मान्यवर कांशीराम का सपना सच हो रहा है। जो उन्होंने कहा था जिस दिन बेटियां अपने हक और अधिकार के लिए इस प्रकार का जागरूकता कार्यक्रम करने लगेंगी उस समय बहुजन समाज पार्टी को शासक बनने से कोई रोक नहीं सकता।




































