मेरठ व सहारनपुर मंडल के 9 जिलों के पंचायत प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय कार्यशाला में लिया हिस्सा

० इंडिया पंचायत फाउंडेशन ओर मिशन समृद्वि के सहयोग से पंचायतों के संस्थागत विकास और गांव की समृद्धि में पंचायत सदस्यों की भूमिका विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
मुजफ्फरनगर। राजकीय इंटर कॉलेज के सभागार में तीसरी सरकार अभियान के अंतर्गत इंडिया पंचायत फाउंडेशन ओर मिशन समृद्वि के सहयोग से पंचायतों के संस्थागत विकास और गांव की समृद्धि में पंचायत सदस्यों की भूमिका विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर वीरपाल निर्वाह द्वारा मां शारदे की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यशाला में मेरठ व सहारनपुर मंडल के 9 जिलों से आये 100 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए डॉक्टर वीरपाल ने कहा कि पंचायतों में सदस्यों की बड़ी भूमिका है यदि सभी सदस्य ग्राम विकास में एकजुट होकर अपना योगदान दें तो गांव में होने वाले विकास के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है।

तीसरी सरकार अभियान के संस्थापक सदस्य डॉ. चंद्रशेखर प्राण ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया की देश के कुल ग्राम पंचायत सदस्यों (लगभग 28 लाख) का लगभग चौथाई हिस्सा (07 लाख 49 हजार) उत्तरप्रदेश से है । लेकिन अफसोस इस बात का है कि सही व सम्यक जानकारी तथा प्रशिक्षण के अभाव में इन सदस्यों की स्थिति बहुत चिंताजनक है । सदस्य पद के महत्व की जानकारी के अभाव में जहां एक ओर इस के प्रति अरुचि का भाव है वही दूसरी ओर ग्रामपंचायत के कामकाज में इनकी भूमिका नगण्य हो गई है। इसी के चलते अभियान के अंतर्गत सदस्यों की जागरूकता व प्रशिक्षण कार्य प्राथमिकता के स्तर पर लिया गया है।
इस एक दिवसीय कार्यशाला में जहां एक ओर सदस्यगण परस्पर अब तक के अपने अनुभवों को साझा किये वहीं दूसरी ओर अपने “वार्ड के स्तर पर सामाजिक व मानव विकास की कार्ययोजना ” के निर्माण के तरीके व प्रकिया के बारे में भी सामूहिक रूप से विचार विमर्श किया। साथ ही उसके लिए स्थानीय संसाधन जुटा कर उसे क्रियान्वित करने के तरीकों पर भी सामूहिक रूप से चर्चा व निर्णय लिया । इस कार्य योजना में “सतत विकास लक्ष्य” के उन 9 बिंदुओं पर विशेष रूप से फोकस किया जो पंचायतीराज भारत सरकार द्वारा चिन्हित किया गया है ।
पूर्व जिला पंचायत राज अधिकारी डीपी शर्मा ने पंचायतों के मौलिक व संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी। कार्यशाला में अलग-अलग जिलों से आए पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रुप में अपनी अपनी ग्राम पंचायतों में हो रहे कार्यों के अनुभव साझा किए तथा उनका प्रस्तुतिकरण किया। कार्यशाला के समापन पर ग्राम पंचायत सदस्य नामा पुस्तक एवं प्रमाण पत्र सभी प्रतिभागियों को दिए गए। संदर्भ व्यक्तियों के रूप सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील बलराज सिंह मलिक ने गांव सरकार की आवश्यकता पर बल देते हुए सहभागिता की आवश्यकता जताई।
नेहरू युवा केंद्र संगठन के पूर्व स्टेट डायरेक्टर जे.पी. मलिक, तथा गोपाल भगत ने भी अपने विचार व्यक्त किया ।कार्यशाला का संचालन मेरठ जोन के जोनल समन्वयक प्रमोद चौधरी ने किया।




