उत्तर प्रदेश

नोटबंदी में IAS अफसरों के पैसे से जुड़ा हैबतपुर प्रकरण !

बलिया। अधिकार सेना के राष्ट्रीय संयोजक अमिताभ ठाकुर के निर्देश पर अधिकार सेना बलिया के जिलाध्यक्ष अवधेश ठाकुर के साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश सिंह और सदर विधानसभा प्रभारी सनक पाण्डेय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल हैबतपुर गांव गया. वहां प्रतिनिधि मण्डल ने सृष्टि राय पुत्री रामाशीष राय उम्र 20 वर्ष, हैबतपुर, बलिया को कल 31 अगस्त 2022 की शाम 06.30 बजे पुलिस द्वारा घर से ले जाने के मामले में उनके परिजनों से मिल बातचीत किया।

अधिकार सेना ने प्राथमिक जांच में पाया कि सृष्टि के जीजा उपेन्द्र राय निवासी ग्राम गोडउर, थाना करीमुद्दीनपुर, गाजीपुर के रहने वाले हैं. उनके तमाम आईएएस अफसरों से संबंध होना बताया गया. यह भी सामने आया कि नोटबंदी के समय तमाम अफसरों ने उसे अपना काला धन सफ़ेद करने के लिए दिया था, जिसे लेकर उन सभी में आपस में विवाद हो गया है. यह सारा मामला उसी काले धन से जुड़ा बताया गया और यह कहा गया कि उसी पैसे को वापस पाने के लिए वे आईएएस अफसर एसपी गाजीपुर सहित गाजीपुर पुलिस पर दवाब बना रहे हैं. यह भी बताया गया कि श्रृष्टि और उसके परिवार वाले इससे पूर्णतया अनजान थे और उन्हें अनावश्यक फंसाया जा रहा है. इसी के तहत पहले सृष्टि के भाई को गाजीपुर पुलिस गैरकानूनी ढंग से ले गयी और कई दिन थाने में रखने के बाद छोड़ा और अब सृष्टि को ले गयी है और इस मुकदमे में झूठा फंसा रही है. प्रतिनिधि मंडल ने यह भी पाया कि सृष्टि को सूर्यास्त के बाद पकड़ा गया है जो सीआरपीसी के नियमों का घोर उल्लंघन है.

प्रतिनिधि मंडल ने अपनी जाँच रिपोर्ट अमिताभ ठाकुर को सौंप दी है, जिसके आधार पर अधिकार सेना द्वारा इस मामले में अग्रिम कार्यवाही की जाएगी. हमले में अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने कहा कि हैबतपुर की सृष्टि राय को पुलिस ने अनुचित ढंग से उठाया है। यह मामला नोटबंदी में कुछ आईएएस अफसरों के पैसे को सफेद साह करने से जुड़ा है, जिसका इस मामले में इस परिवार का कोई मामला प्रथम दृष्टया जुड़ा नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि गाजीपुर पुलिस मामले में अकारण इस परिवार को प्रताड़ित कर रही है। ठाकुर ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने अपनी जांच रिपोर्ट उन्हें सौंप दी है अधिकार सेना इस मामले में कार्यवाही करेगी।

प्रतिनिधि मंडल में ओम प्रकाश राय, रितेश पाण्डेय, रिशु श्रीवास्तव, अजय गुप्ता, सुबोध ओझा, डॉ महबूब आलम आदि शामिल थे.

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