फुटपाथ के बच्चों को स्कूल में दाखिला, गूंज एक गुहार की मेहनत लाई रंग, मिला दाखिला

मऊ। जिन बच्चों के झोपड़पट्टी के सामने से प्रतिदिन हजारों बच्चे से लेकर युवा स्कूल ड्रेस में आते जाते हों, जिन्हें देख कर इन बच्चों के मन में ना जाने कैसे कैसे विचार आते हों। और उनके विचार और सपनों को अगर कोई पूरे कोरोना काल से लेकर अब तक समय समय पर पंख देने की कोशिश करें तो उसकी वाहवाही तो बनती है। विगत 2 सालों से कोरोना वायरस महामारी से सभी जुझ रहे थे इसी बीच डीसीएसके महाविद्यालय के निकट रोड के किनारे झोपड़ियों में रह रहे बच्चे को जब समाजसेवी श्रीमती पूजा राय ने देखा उन्हें स्कूल भेजने का सपना देखा जिस के क्रम में अपनी सामाजिक संस्था ‘गूंज एक गुहार’ के द्वारा बच्चों की मदद किया और उनके पास जा जाकर शिक्षा प्रदान करने के साथ शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया। फलस्वरुप जब बच्चे स्कूल जाने को उत्सुक दिखे तब उन्होंने मऊ रेलवे स्टेशन के निकट संचालित बाल शिक्षा मंदिर जूनियर हाई स्कूल पू.उ.रे. मऊ में नामांकन कराया । इस सराहनीय कार्य के पीछे समाजसेवी पूजा राय का अथक प्रयास है। इस बावत उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया हर बच्चे का शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है किसी को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। हमें लगा कि ऐसे बच्चे जो समाज के मुख्य धारा से किसी कारण वस विमुख है उनको भी समाज के मुख्य धारा से जोड़कर उन्हें हरसंभव मदद करना चाहिए जिसके क्रम में हम और हमारी स्वयंसेवी संस्था ने काम किया है और आगे भी करते रहेंगे। श्रीमती पूजा राय ने बताया कि इन बच्चों को शिक्षा के लिए तैयार करने में संस्था की आरोही पाण्डेय का जितना भी तारीफ किया जाए कम है। उन्होंने बताया कि आरोही निरन्तर इन बच्चों के सम्पर्क में रही और समय समय पर इन सभी को शिक्षा का महत्व का बात बताते हुए, इन्हें शिक्षा का पाठ पढ़ाया।


