घोसी! सुधाकर की जयकार, दारा को ना बाबा ना
@आनन्द कुमार…
० महेन्द्र, काजल व नवरत्न की तिकड़ी ने, निकाली ओमप्रकाश राजभर व प्रवीण निषाद की हेकड़ी
मऊ।आखिरकार वही हुआ जिसका डर था घोसी विधानसभा के उपचुनाव में जनता ने सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह के पक्ष में अपना ऐसा फैसला सुनाया है कि देश के बड़े राजनीतिक रणनीतिकार से लेकर प्रदेश के सत्ता में काबिज मंत्री, विधायक व सहयोगी नेता टायं-टायं फिस्स हो गए। भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान के खिलाफ व सपा सुधाकर सिंह के पक्ष में घोसी का परिणाम ऐसा आया है कि, न सिर्फ यह मिथक टूटा कि उपचुनाव सत्ता का होता है, बल्कि यह कह सकते हैं जनता ही, जान जाने और जनार्दन है।
चुनाव कोई हो जब जनता लड़ने पर उतारू हो जाए तो सब फेल। घोसी की सियासत में यही हुआ।
न बगावत, न विरोध, चुपचाप दल-बदल व बाहरी के विरोध में घोसी के जन-जन ने घर का लाल सुधाकर को ऐसे चुना, कि लोग समझ ही नहीं पाए कि घोसी में क्या हो रहा है!
मतदाता भाजपा के आलम्बदारों को तसल्ली देते रहे, और वोट का रूख इस कदर सपा की ओर मोड़े की घोसी का ही नहीं पूर्वांचल और प्रदेश का बयार गर्मी में शीतलता भरा हो गया।
भाजपा के लोगों ने जिस कदर घोसी की सियासत में डोर टू डोर डिप्टी सीएम पूरी फौज के साथ मेहनत किए। ज्यादा से ज्यादा, मंत्री, सांसद विधायक से लगायात वीआईपी जनता के बीच लगे रहे, सभी को यही लगा कि विजय पक्की है, लेकिन एक नेता को चुनाव लड़ाने की कमान शिवपाल सिंह यादव ने संभाली और उसमें प्रोफेसर रामगोपाल यादव का समर्थन मिला तो लोगों ने हवा के रूख को अपनी तरफ मोड़ने में सफलता पाई। 
घोसी के रिजल्ट पर आप यह गाना भी गुनगुना सकते हैं कि, ये पब्लिक है सब जानती है… अरे अंदर क्या है, अरे बाहर क्या है, …ये पब्लिक है सब जानती है…
शुक्रवार को शुरू हुए मतगणना का रिजल्ट जब आधिकारिक रूप से लगभग 7 बजे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुधाकर सिंह के पक्ष में जीत के साथ आया तो फिर क्या कहना था टोटल 124295 मत पाकर सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने, भाजपा के दारा सिंह चौहान को 42672 मतो के भारी अंतर से हराया। दारा को 81623 मत मिले। जबकि नोटा का बटन सिर्फ 1725 लोगों ने दबाया। सुबह मतगणना से ही सुधाकर सिंह के साइकिल रफ्तार बनी तो रुकने का नाम नहीं ली और अंत में परिणाम उनके पक्ष में आया।
घोसी की जनता ने जो परिणाम दिया है वह अपने आप में एक बहुत बड़ा संदेश है इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी को चिंतन-मनन व मंथन करना होगा। भाजपा के इतने वीआईपी लगे होने के बाद, 42672 मतो से भाजपा का हारना काफी बड़ा सवाल खड़ा करता है। सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह के पक्ष में महेंद्र राजभर, काजल निषाद और नवरत्न की तिकड़ी ने ओमप्रकाश राजभर व प्रवीण निषाद की जो हेकड़ी निकाली है, उसके शोर दूर तलक गूंज रहे हैं । वहीं घोसी की जनता ने भाजपा के सूरमाओं को भी सबक़ सिखाने का काम किया है।

