याद हमेशा हमें सताती सुघर सलोने गाँव की, बाग-बगीचे, ताल-तलैया, नदिया बहते नाव की
नदवासराय। देवर्षि देवल रामलीला व दुर्गा पूजा समिति द्वारा देवलास पर मंचित की जा रही रामलीला में सोमवार को भरत मिलाप, खर-दूषण वध, सीता-हरण, राम-सुग्रीव मित्रता आदि प्रसंगों का मंचन किया गया। इस अवसर पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, प्रयागराज में राजभाषा अधिकारी तथा भोजपुरी एवं हिंदी के प्रख्यात कवि देवकान्त पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपने संबोधन में कवि देवकांत पाण्डेय ने रामलीला समिति के पदाधिकारियों को देवलास पर भव्य रामलीला मंचन के लिए बधाई देते हुए कहा कि अपनी परंपराओं को आगे ले जाने में युवा वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यह देखकर अपार हर्ष हो रहा है कि देवलास के युवा इसमें उत्साह के साथ भागीदारी कर रहे हैं। इस अवसर पर कवि देवकांत पाण्डेय ने अपनी कविताएं भी सुनाई और वहां उपस्थित दर्शकों का खूब मनोरंजन किया ।उनकी “याद हमेशा हमें सताती सुघर सलोने गाँव की, बाग-बगीचे, ताल-तलैया, नदिया बहते नाव की” कविता को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपनी हास्य एवं श्रृंगार रस की रचनाओं से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
इस मौके पर वहाँ अभिषेक यादव, शंभू मिश्रा, धनंजय पाण्डेय, नागेंद्र पाण्डेय, प्रशांत गुप्ता आदि मौजूद रहे।

