काम की बात

डीएम साहब, चेयरमैन साहब आपकी नजरे इनायत मेरी तरफ कब होगी ?

( आनन्द कुमार )


जी हां मैं सड़क हूं। मैं वहीं सड़क जिसकी चर्चा अक्सर आम आदमी के जुबान पर होती है। वैसे तो मेरे बहुत से सगे संबंधियों के दिन बहुर गए हैं। लेकिन मेरा दिन प्रतिदिन हालत खराब होता जा रहा है और मेरे ऐसे बुरे दिन होने की वजह से मेरे सगे संबंधी भी अब अपने अच्छे हालात पर मुझसे इतराने लगे हैं और मुझ को चिढ़ाने लगे हैं। वैसे तो मेरे चर्चे विधानसभा से लेकर संसद के गलियारे तक में होती है लेकिन मैं वह बदनसीब हूं कि मेरा चर्चा तो नगरपालिका के गलियारे में होना तो दूर, जिलाधिकारी के चेंबर व डूडा में नहीं होती है। मैं बहुत दिनों से लाचार और बीमार हूं मेरा कोई पूछनहार नहीं है। कभी कभार दर्द बयां करते हैं तो मेरी कोई सुनता भी नहीं है, कहता है कि तुम कोई बड़े आदमी थोड़ी है जो तुरंत सुन लिया जाए। हम तो बधाई देते हैं सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार सिंह राजा सिंह को जिन्होंने मेरी एक तस्वीर लेकर कम से कम हमें सोशल मीडिया पर ही मुझ को दिखाने और मेरे दर्द को बताने की कोशिश की। मैं तो उन्हें शुक्रिया अदा करना चाहती हूं कि कम से कम उन्होंने मेरे तकलीफ को समझा, मेरे दिन बहुरेंगे या नहीं यह तो और बात है लेकिन कम से कम मैं सोशल मीडिया पर चर्चा आम हो गई। जी हां आप यह जो तस्वीर देख रहे हैं यह मऊ नगर के बरपुर मोहल्ले की तस्वीर है। जो कई मुहल्ले को जोड़ती है। बरपुर मुहल्ला तेजी से बसा हुआ मुहल्ला है यहां पर नए-नए लोग इस उम्मीद के साथ आकर घर बनवाएं कि यहां पर हमें अच्छी सड़क मिलेगी अच्छी नाली मिलेगी। अच्छी हवा तो यहां मिल ही रही है। यह सड़क गोरखपुर वाराणसी हाईवे से डीसीएसके पीजी कॉलेज मोड़ से बरपुर को जोड़ती है जो हाईवे से लेकर बरपुर शर्मा जी के मकान तक तो ठीक है। लेकिन वहां से जब यह सड़क थोड़ा सा आगे जाने के बाद बरपुर होते हुए बड़ी रस्तीपुर, छोटी रस्तीपुर, मंगलझोर, चक मे़हदी सहादतपुरा स्थित डॉक्टर एससी तिवारी रोड की तरफ जाती है तो इस सड़क के हालात बद से बदतर है। वैसे तो यह हालात हुए काफी वर्ष हो गए लेकिन न तो डीएम साहब की नजरे इनायत होती है न ही चेयरमैन साहब की। ऐसे में इस सड़क के खराब हालत की वजह से नालियां टूटी हुई है काफी दूर तक नालियां है ही नहीं। नाली और बरसात के पानी सड़क पर इकट्ठा होकर आमजन में बीमारी को दावत दे रहे हैं। सड़क पर बाइक, टेंपो रिक्शा, कार तो चलना दूर दूर है आदमी पैदल भी नहीं चल सकता है। इस सड़क के खराब हालात का आलम यह है कि आए दिन लोग गिरते रहते हैं और चुटहिल होते रहते हैं। ऐसे बुरे हाल में सड़क पर कोई बुजुर्ग महिला कैसे चलती होगी इसका अंदाज आप आसानी से लगा सकते हैं। जबकि एक सड़क पर रिक्शा और ई रिक्शावाले जाने के नाम पर पहले ही मना कर देते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार सिंह राजा सिंह का कहना है कि सड़क की ओर जिला प्रशासन , नगर पालिका प्रशासन, स्थानीय सभासद सहित डूडा के संबंधित जिम्मेदार अधिकारी को जनहित को ध्यान में रखकर तत्काल ध्यान देना चाहिए तथा इसकी मरम्मत कराकर शीघ्र समस्या को दूर करना चाहिए।लोगों का कहना है कि यही एकमात्र ऐसी सड़क थी जिस पर लोग भारी संख्या में डालने आते जाते थे लेकिन अब खराब हालात की वजह से आना-जाना छोड़ दिए हैं। स्थानीय रमेश यादव, अशोक आर्य, अभिराज मौर्य, भोला मौर्या, हेमचन्द, अरविंद भारती, लल्लन, राजकुमार गुप्ता, परितोष पांडेय आदि ने प्रशासन से इस सड़क को तत्काल बनवाने की गुहार लगाई है।

दैनिक मान्यवर वाराणसी संस्करण में 02 जून 2021 को प्रकाशित

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