पत्नी कर रही थी जीवित्पुत्रिका व्रत का पूजा पाठ, पति फंदे से झूल कर दे दी जान

मऊ। जनपद के रानीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा फतेहपुर के रहते वाले बुझारत चौहान ने गले में फंदा लगा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जुतिया के दिन यह घटना से गांव में कोहराम मच गया। उधर पत्नी का जिवित्पुत्रिका व्रत इधर पति के इस घटना से सभी हतप्रद हैं।
रानीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा फतेहपुर का बुझारत चौहान उम्र 35 वर्ष पुत्र स्व. बेचन चौहान दो भाइयों में सबसे छोटा था। उसका बड़ा भाई जय श्री चौहान कोईलरी में अपने पिता के निधन हो जाने के बाद नौकरी करता है और अपने माता और पत्नी को लेकर वहीं पर आता है। मृतक गांव में ही गर्रा माटी का कार्य कर मजदूरी कर अपनी जीविका चलाता था। कुछ दिनों से वे बीमार चल रहा था। जिसके वजह से वो काम पर पर नहीं जाता था। लेकिन जिवित्पुत्रिका व्रत के दिन बुधवार को देर सायं वे अपने घर में ही कमरे में फंदा लगाकर लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि जिवित्पुत्रिका पर्व पर अपने बच्चो अर्ध देने के लिए रखा जाता है जो गांव की महिलाएं द्वारा गांव की पोखरे पर जाकर पूजा अर्चना करती हैं। उसी पर्व पर मृतक की पत्नी गीता भी गई हुई थी। लेकिन माचिस घर छूट जाने से बच्चे को घर पर भेजी कि जाओ माचिस लेकर आओ। लड़का जैसे ही पर पहुंचा वहां अपने पिताजी के फंदे पर लटकता हुआ पाया, जैसे तैसे जाकर वे मां को बताया। मृतक की पत्नी सब छोड़ छाड़ कर अपने घर पर पहुंची तो वहां पर फंदे से लटका अपने पति को देख रोने बिलखते लगी। घटना की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो वहां पर पहुंचे और तुरन्त प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रानीपुर थाना प्रभारी अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा। मृतक अपने पीछे दो बच्चे हिमांशु 10 वर्ष व प्रियांशु 7 वर्ष को छोड़कर चला गया।

