शीतलहर में जरा सी लापरवाही, गर्भ में पल रहे शिशु के लिए मुसीबत
० ऐसे मौसम में गर्भवती और धात्री आयरन और प्रोटीन का करें ज्यादा प्रयोग
मऊ। तेज ठंड के कारण सभी का बुरा हाल है ऐसे में जरा सी भी लापरवाही मां और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए समस्या का कारण बन जाती है। यह कहना है सीएमओ डॉ एन अग्रवाल का । उन्होंने प्रधानमंत्री मातृत्व स्वास्थ्य दिवस पर गर्भवती और धात्री को इन परिस्थियों से बचाव की जानकारियाँ दी ।
बाल रोग विशेषज्ञ तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेश अग्रवाल ने बताया इन सर्दियों में गर्भवती को सर्दी-खांसी, संक्रमण और शुष्क त्वचा की समस्या अक्सर हो जाती है। बाहर निकलते समय गर्म और कंफर्टेबल कपड़े पहने। सर्दी के मौसम में सिर से पैर तक खुद को जितना हो सके ढक के रखें। इसके अलावा गर्भवती ठंडी हवा से स्वयं को बचाने के लिए ऊनी मोजे और दुप्पटे और शाल का प्रयोग करें। ठंड या किसी भी प्रकार की समस्या आने पर बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की दवा न लें। बिना देर किये जिला महिला चिकित्सालय, सदर अस्पताल या अपने निकटतम स्वस्थ केन्द्रों पर पहुंचे, यहाँ पर स्त्री रोग समेत सभी तरह के विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श के साथ जाँच व दवा सभी उपलब्ध हैं।
महिला चिकित्सक ब्लाक बड़राव की डॉ उमुल ओला ने बताया कि बीते माह और इस माह में प्रधानमंत्री मातृत्व स्वास्थ्य दिवसों पर कुल 162 गर्भवती और धात्री को परामर्श दिया गया। इन्हें ठंड में सुपाच्य आहार, आयरन और प्रोटीन युक्त सामग्रियों के प्रयोग करने की जानकारी दी गई। परामर्श के दौरान शरीर में पानी और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, विटामिन-सी पूर्ति के लिए संतरा खाने, रात को सोने से पहले केसर या पौष्टिक पदार्थ युक्त दूध पीने जैसी जानकारी दी गई।
गर्भावस्था में भ्रूण विकास के लिए शाकाहार में आयरन और प्रोटीन से भरपूर चोकर युक्त आटा, चना, अंकुरित चना, गुड़, आज के सीजन में गाजर, दूध, पनीर, दाल, बथुआ साग, पालक के साथ हरी सब्जी खाएं। नानवेज को खाने गर्भवती और धात्री आवश्कता आनुसार स्वक्षता के अंडे, चिकन, मछली का सेवन कर सकती हैं। इसके खाने से गर्भवती के साथ गर्भस्थ शिशु भी स्वस्थ रहता है।
डॉ उमुल ओला ने बताया कि गर्भावस्था में ताजा भोजन प्रयोग करना चाहिये बासी भोजन गर्भवती व गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिये नुकसानदायक हो सकता है। इस मौसम में सूखी त्वचा के कारण खुजली की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा गर्म पानी के सेवन करें। इसके अलावा चेहरे के साथ पूरे शरीर पर नमी प्रदायक क्रीम का प्रयोग करें। सर्दी-खांसी, जुकाम, संक्रमण और बुखार होने पर सबसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या जिला महिला चिकिसालय पर पहुँच कर तुंरत विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श प्राप्त करें।
जिला महिला स्वास्थ्य परामर्शदाता अंजु रंजन ने बताया कि अप्रैल से दिसंबर तक प्रधानमंत्री मातृत्व स्वास्थ्य दिवसों पर कुल 18273 गर्भवती और धात्री महिलाओं का संवेदीकरण के साथ जरुरी जाँच के साथ चेकप किया गया जिसमें 2867 उच्च जोखिम वाली गर्भवती मिली जिनको दवा इलाज उपलब्ध कराया गया है।

