मऊ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर वितरित कर रहीं पुष्टाहार

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर वितरित कर रहीं पुष्टाहार गर्भवती, धात्री व बच्चों को कोरोना से सुरक्षित बनाने के लिए लिया फैसला गर्भवती और किशोरियाँ खायें घर का बना ताजा खाना, मौसमी फल और हरी पत्तेदार सब्जियों को अपनाएं दूध व चाय के साथ आयरन की गोलियों का न करें सेवन आयरन एवं फोलिक एसिड टैबलेट (आईएफए) का विटामिन-सी युक्त आहार जैसे नींबू, संतरा, आंवला आदि के साथ करें सेवन
2021बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की पहल पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर पुष्टाहार का वितरण कर रही हैं। पुष्टाहार के सेवन से गर्भवती, धात्री महिलाओं, लड़कियों व बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी। इससे कोरोना से भी बचाव होगा। शासन के निर्देशानुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर पोषाहार का वितरण कर रही हैं। यह कहना है प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी गीता तिवारी का। गीता तिवारी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाड़ी केंद्र खोलकर अनुपूरक पोषाहार को प्राप्त किया जाए और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विभाग के पंजीकृत लाभार्थियों तक टेक होम राशन का घर-घर वितरण किया जाए । इस दौरान मास्क, सेनेटाइजेशन और शारीरिक दूरी का भी पूरा ख्याल रखा जाय। सभी को निर्देशित किया गया है कि कोविड को देखते हुए 16 जनवरी तक आंगनबाड़ी केंद्र को बंद रखा जाए ।गीता तिवारी ने बताया कि उन्हें पुष्टाहार के आलावा गांव में ही उपलब्ध खाद्य पदार्थ एवं सामाग्रियों से ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाए बताये जा रहे हैं। इस मौसम के भोजन में मेथी, पालक, बथुआ, सरसों, गुड़ आदि की मात्रा बढ़ाएँ। अंकुरित दालों को हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ पकाकर खाने में देना चाहिए। सामान्यतः गर्भवती महिलाएं और लड़कियां आयरन की गोलियों का सेवन दूध व चाय के साथ करती हैं, जो कि गलत है इससे शरीर में आयरन का अवशोषण कम हो जाता है। आयरन एवं फॉलिक एसिड (आईएफए) टैबलेट का सेवन विटामिन-सी युक्त आहार जैसे नींबू, संतरा, आंवला आदि के साथ किया जाना चाहिए, जिससे आयरन का अवशोषण शरीर में सुचारु रूप से हो सके। उन्होंने ने बताया कि इस पुष्टाहार वितरण के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
