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कहीं आचार संहिता की भेंट न चढ़ जाए, अमिला-अजमतगढ़ की जर्जर सड़क

( गुंजन राय )

अमिला-अजमतगढ़ मार्ग

■ वित्तीय स्वीकृति मिलने के दो हफ्ते अधिक समय बीतने के बावजूद भी नहीं हो सका टेंडर

अमिला/मऊ। बरसों से बदहाल सड़क पर चलने का दंश झेल रहे, चोटहिल हो रहे, घायल हो रहे और इलाज में हजारों लाखों रुपए फूंक रहे लोगों को अमिला-अजमतगढ़ मार्ग बनने की उम्मीद जगी भी तो वर्ष 2022 का होने विधानसभा चुनाव, कहीं टेंडर प्रक्रिया की देरी की वजह से कहीं आचार संहिता की भेंट न चढ़ जाए अब यह बात हर लोगों अखरने लगी है। ऐसे में अगर विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया को करने में अगर शीघ्रता दिखाई गई तो लोगों को समय से पहले इस नासूर बनी समस्या से निजात मिल सकती है। लेकिन हम नव वर्ष 2022 के आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गये बावजूद इसके इस ओर कोई ठोस प्रयास दिखता प्रतीत नहीं होता है। मऊ जनपद के अमिला और आजमगढ़ जनपद के अजमतगढ़ को जोड़ने वाली लगभग 12 किलोमीटर का यह मुख्य मार्ग आवागमन की दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। पूरी तरह से टूट चुके सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे आये दिन दुर्घटना को दावत दे रहे है। जर्जर सड़क आज भी ग्रामीणों के गले का फ़ांस बनी हुई है। हालांकि सड़क बनने की उम्मीद जगी और बदहाल मार्ग के पुनरुद्धान हेतु कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के पहल पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा संज्ञान ले जर्जर बारह किलोमीटर सड़क के निर्माण व चौड़ीकरण हेतु शासन द्वारा 2788.39 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तिय स्वीकृति भी प्रदान की गई। बीते सत्रह दिसम्बर को वित्तीय स्वीकृति मिलने के दो हफ्ते से अधिक दिन बीतने के बावजूद भी टेंडर की प्रक्रिया अभी अधर में लटकी हुई है। जबकि प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव होने के कारण जल्द ही आचार संहिता लगने की उम्मीदें जताई जा रही है। आचार संहिता लगते ही टेंडर प्रक्रिया उसके भेंट चढ़ते ही सड़क निर्माण अधर में लटक सकता है। जिसे लेकर सड़क निर्माण की बाट जोह रहे ग्रामीणों को नए वर्ष में भी सड़क निर्माण कार्य की कवायद धरी की धरी न रह जाय। दरअसल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।जिसमें नए कार्यों की स्वीकृति व शुभारंभ पर पूर्णतः रोक लग जायेगे और विपक्षी दलों को यह मौका भी मिल जाएगा कि योगी सरकार का गड्ढा मुक्त सड़क होने का दावा क्या हुआ और 5 साल जब बीतने को है तो सरकार टेंडर प्रक्रिया कर, जनता को केवल लॉलीपॉप थमा रही है। ऐसे में इसके राजनीतिक नफे नुकसान का भी आकलन करना जरूरी है।

सहायक अभियंता केसरी प्रकाश कहते हैं कि…

आगामी पाँच जनवरी तक उक्त निर्माण कार्य हेतु टेंडर डाले जायेगें। छः जनवरी को टेंडर खुलने के बाद सारी औपचारिकताये पूर्ण कर कार्यदाई संस्था द्वारा निर्माण कार्य की कवायद शुरू कर दी जाएगी।

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