उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव को अंकित चंदेल का जवाब, बोले- आतंकियों पर ATS की कार्रवाई पर सवाल उठाने वाले देशविरोधी

( विजय कुमार गुप्ता)

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यूपी की भाजपा सरकार को ‘गुंडागर्दी वाली सबसे बड़ी पार्टी’ करार दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह भाजपा सरकार और यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं कर सकते। अखिलेश यादव का यह बयान यूपी पुलिस और आतंकवाद निरोधी दस्ते द्वारा रविवार को अलकायदा से जुड़े 2 आतंकवादियों को गिरफ्तार करने के बाद आया है, जो स्वतंत्रता दिवस से पहले लखनऊ में सिलसिलेवार विस्फोट की योजना बना रहे थे। अखिलेश यादव ने अलकायदा आतंकियों की गिरफ़्तारी पर कहा कि वो न तो यूपी पुलिस और न ही भाजपा की सरकार पर भरोसा कर सकते हैं। बता दें कि काकोरी के एक मकान से ATS ने मसरुद्दीन और मिनहाज अहमद नामक दो आतंकियों को दबोचा। ये आतंकी देश के कई हिस्सों में बम ब्लास्ट की योजना बना रहे थे, जिसमें मानव-बम से हमले भी शामिल थे। जहां अहमद दुबग्गा का निवासी है, मसरुद्दीन मड़ियांव में रहता था। आपको सुनवाते हैं वो बयान जिसमें अखिलेश यादव ने एटीएस की कार्रवाई पर पुलिस पर अविश्वास जताया।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा से अधिक गुंडागर्दी करने वाली पार्टी आज तक नहीं देखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में गुंडागर्दी का एक्सपेरिमेंट कर उसे पूरे प्रदेश में लागू करते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि पंचायत चुनाव में सीमा लांघने वाले अधिकारियों की सूची तैयार है, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

यूपी भाजपा के सोशल मीडिया के प्रदेश संयोजक अंकित चंदेल ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा है कि -एक पार्टी का विरोध करते करते अखिलेश यादव इतना गिर गए हैं कि अब देश विरोधी भी हो गए। राजधानी लखनऊ में आतंकी साजिश को नाकाम करने वाली यूपी ATS पर गर्व करने के बजाए एक पूर्व मुख्यमंत्री का ये बोलना कि उन्हें यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है बेहद शर्मनाक है ।

अंकित चंदेल का ट्वीट

अखिलेश यादव के बयान के बाद राजनीति तेज हो गई हैं। उनके बयान को भाजपा ने हाथों हाथ लपक लिया है। ये बयान ऐसे समय में आया है जब एटीएस आतंकियों के बाकी साथियों की तलाश में जुटी हुई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अखिलेश का बयान सपा के लिए गले की हड्डी बन सकता है। क्योंकि अखिलेश यादव ने पहले सर्जिकल स्ट्राइक का विरोध किया, फिर वैक्सीन का विरोध किया और अब आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। ये विरोध की राजनीति से सपा की छवि धूमिल हो सकती है।

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