सरकार ने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा में मामूली राहत दिया
(रत्नेश कुमार सिंह)
सरकार की तरफ से आज 10 अगस्त 2018 को 3 नोटिफिकेशन 32/2018, 33/2018 और 34/2018 जारी किया गया जिसमें व्यापारियों को जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा में मामूली राहत दिया गया।
1- नोटिफिकेशन नंबर – 32/2018 दिनांक-10-08-2018 (संलग्न)
इस नोटिफिकेशन के द्वारा सरकार ने ऐसे पंजीकृत व्यक्ति जिसकी गत वर्ष या वर्तमान वर्ष में “टर्नओवर (बिक्री) 1.50 करोड़ से ज्यादा” है उनकी आउटवर्ड सप्लाई (बिक्री) के विवरण हेतु केन्द्रीय माल व सेवा कर नियम 2017 के अधीन फार्म जीएसटीआर-1 दाखिल करने की समय-सीमा जुलाई 2018 से मार्च 2019 तक के प्रत्येक माह हेतु उस माह के समाप्त होने अगले माह के 11 तारीख तक बढ़ा दी गई है।
जैसे- अगस्त 2018
हेतु 11 सितम्बर 2018…
विदित हो कि जिस जीएसटी पंजीकृत व्यक्ति का टर्नओवर गत वर्ष 2017-18 में या चालू वर्ष 2018-19 में 1.50 करोड़ से ज्यादा है उन्हें जीएसटीआर-1 हर महीने दाखिल करनी होती है जिसके लिए पहले यह तिथि हर महीने के समाप्त होने के 10 दिन के भीतर था।
2- नोटिफिकेशन नंबर – 33/2018 दिनांक-10-08-2018 (संलग्न)
यह नोटिफिकेशन नंबर 33/2018 सरकार ने ऐसे पंजीकृत व्यक्ति के आउटवर्ड सप्लाई (बिक्री) के विवरण हेतु जीएसटीआर-1 दाखिल करने की समय-सीमा के लिए निकाला है जिसकी गत वर्ष 2017-18 या चालू वर्ष 2018-19 में “टर्नओवर 1.50 करोड़ तक” है।
(अ) जुलाई से सितम्बर 2018 तिमाही हेतु – 31 अक्टूबर 2018
(ब) अक्टूबर से दिसम्बर 2018 तिमाही हेतु – 31 जनवरी 2019
(स) जनवरी से मार्च 2019 तिमाही हेतु – 30 अप्रैल 2019
ज्ञात हो कि 1.50 करोड़ तक के व्यापारियों को जीएसटीआर-1 तिमाही दाखिल करना होता है परन्तु भुगतान जीएसटीआर -3बी के माध्यम से मासिक ही है।
3- नोटिफिकेशन नंबर – 34/2018 दिनांक-10-08-2018 (संलग्न)
इस नोटिफिकेशन के माध्यम से सरकार ने प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति हेतु (चाहे उसकी टर्नओवर 1.50 करोड़ तक हो या ज्यादा हो) जीएसटी के कर, व्याज,जुर्माना आदि के भुगतान करने की मासिक व्यवस्था वाली अस्थायी रिटर्न जीएसटीआर-3 बी को मार्च 2019 तक के लिए फिर से बढ़ा दिया है जिसकी इलेक्ट्रानिक रूप से पोर्टल पर दाखिल करने की समय-सीमा पूर्व की भाँति उस माह समाप्त होने के अगले माह के 20 तारीख तक है।
जीएसटीआर-3 बी एक अस्थायी रिटर्न की व्यवस्था थी जिसमें बिक्री और उस पर कर-दायित्व और इनपुट क्रेडिट का संक्षिप्त होता है और कर भुगतान की गणना होती है। इसे जीएसटी लागू होने के प्रारम्भ के 2 माह के लिए (जुलाई और अगस्त 2017) लाया गया था जिसे पहले दिसम्बर 2017 तक फिर मार्च 2018 तक फिर जून 2018 तक के लिए आगे बढाया गया था। अब इसे मार्च 2019 तक सभी पंजीकृत व्यक्तियों के लिए मासिक रूप से दाखिल करना अनिवार्य कर दिया गया है।
(लेखक मऊ निवासी हैं व चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट हैं)




इस नोटिफिकेशन के द्वारा सरकार ने ऐसे पंजीकृत व्यक्ति जिसकी गत वर्ष या वर्तमान वर्ष में “टर्नओवर (बिक्री) 1.50 करोड़ से ज्यादा” है उनकी आउटवर्ड सप्लाई (बिक्री) के विवरण हेतु केन्द्रीय माल व सेवा कर नियम 2017 के अधीन फार्म जीएसटीआर-1 दाखिल करने की समय-सीमा जुलाई 2018 से मार्च 2019 तक के प्रत्येक माह हेतु उस माह के समाप्त होने अगले माह के 11 तारीख तक बढ़ा दी गई है।
जैसे- अगस्त 2018 हेतु 11 सितम्बर 2018…