रामलीला मैदान में चबूतरे का गड्ढा पाटने से विवाद, दशहरा सिर पर, समिति ने दो लोगों के खिलाफ दी तहरीर
• 21 लाख के निर्माण पर मिट्टी डालकर अड़ंगा!
अमिला (मऊ) । सैकड़ों वर्ष पुरानी रामलीला परंपरा से जुड़े अमिला के रामलीला मेला मैदान में करीब 21 लाख रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्य में कथित अड़ंगेबाजी का मामला सामने आया है। सीता मैया के चबूतरे के निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे को मिट्टी डालकर पाट दिए जाने से विवाद खड़ा हो गया। दशहरा पर्व में महज एक माह शेष है, ऐसे में निर्माण कार्य बाधित होने से समिति की चिंता बढ़ गई है।
श्री ठाकुरद्वारा रामलीला समिति अमिला (रजि. नं. 176/2002-03) के अनुसार मेला मैदान की आराजी संख्या 3047, रकबा 0.519 में नगर पंचायत अमिला की ओर से करीब 21 लाख रुपये की लागत से श्रीराम, श्रीरावण और सीता मैया के चबूतरों का नव निर्माण कराया जा रहा है।
समिति का आरोप है कि सीता मैया के चबूतरे के लिए खोदे गए गड्ढे को रामानंद प्रजापति और दया प्रजापति पुत्रगण स्व. रामरूप प्रजापति, निवासी बुद्धिपुरा, अमिला ने मिट्टी डालकर पाट दिया। समिति पदाधिकारियों का दावा है कि संबंधित लोगों की निर्माण स्थल की भूमि में कोई हिस्सेदारी नहीं है। इसके बावजूद निर्माण स्थल पर हस्तक्षेप कर काम प्रभावित किया गया।
दशहरा नजदीक, काम रोकने की कोशिश से सवाल
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि रामलीला आयोजन का समय बेहद करीब है। चबूतरों का निर्माण इसी उद्देश्य से कराया जा रहा है कि सदियों पुरानी परंपरा को बेहतर स्वरूप मिल सके। ऐसे समय में निर्माण स्थल पर गड्ढा पाटे जाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में समिति की ओर से घोसी कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि गड्ढा किसने पाटा, मिट्टी किसके निर्देश पर डाली गई और निर्माण स्थल पर हस्तक्षेप का अधिकार किस आधार पर जताया गया।
करीब 21 लाख रुपये की लागत से हो रहे निर्माण को लेकर सामने आए विवाद के बाद क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं। समिति ने निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा रोकने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

