‘आसमान छूने की जिद’ का हुआ विमोचन, युवाओं को संघर्ष और सफलता की प्रेरणा देगी पुस्तक
लखनऊ। यूनिवर्सल लिटरेरी एजेंसी द्वारा प्रकाशित लेखक राजेश चन्द्र मिश्र की प्रेरणादायक पुस्तक ‘आसमान छूने की जिद’ का लखनऊ के गोमतीनगर स्थित यूनिवर्सल बुक सेलर के सभागार में भव्य विमोचन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के महानिदेशक जय नारायण सिंह, पूर्व आईएएस अधिकारी एवं उत्तर प्रदेश स्टेट पब्लिक सर्विस ट्रिब्यूनल के वाइस चेयरमैन के. रविन्द्र नायक, प्रमुख सचिव श्रम-सेवायोजन एवं प्राविधिक शिक्षा एम. के. एस. शमुगम सुंदरम, यूनिवर्सल बुक सेलर के मालिक चंदर प्रकाश तथा लेखक राजेश चन्द्र मिश्र ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया।
कार्यक्रम में पुस्तक के मूल भाव पर चर्चा करते हुए लेखक राजेश चन्द्र मिश्र ने कहा कि किताबें खुद तो चुप रहती हैं, लेकिन आपको बोलना और जीवन को समझना सिखा देती हैं। गैजेट्स और सोशल मीडिया के दौर में भले ही कंटेंट की भरमार हो, लेकिन किताबों को कभी बॉयपास नहीं किया जा सकता। किताब के पन्नों को पलटते हुए पढ़ने का जो आनंद और अनुभूति मिलती है, वह अपने आप में अलग है।
उन्होंने कहा कि ‘आसमान छूने की जिद’ प्रतिकूल परिस्थितियों में हिम्मत और हौसले के साथ आगे बढ़ने की कहानी है। पुस्तक का नायक तमाम संघर्षों के बावजूद किताबों का दामन नहीं छोड़ता और अंततः अपनी मंजिल हासिल कर लेता है। यह पुस्तक युवाओं को संघर्ष करते हुए अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ने की प्रेरणा देती है।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं ईओडब्ल्यू के महानिदेशक जय नारायण सिंह ने कहा कि चाहे कोई भी दौर आ जाए, किताबों की अहमियत कभी कम नहीं होगी। पढ़ने का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि रचनात्मक कृतियों को हर दौर में सम्मान और सराहना मिलती रही है।
पूर्व आईएएस अधिकारी एवं वर्तमान में उत्तर प्रदेश स्टेट पब्लिक सर्विस ट्रिब्यूनल के वाइस चेयरमैन के. रविन्द्र नायक ने कहा कि किताबें इतिहास का दस्तावेज होती हैं। आज युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसी पुस्तकों की आवश्यकता है, जो उन्हें जीवन के संघर्षों और वास्तविक अनुभवों से रूबरू कराएं। उन्होंने पुस्तक की सफलता के लिए लेखक और प्रकाशक को बधाई दी।
प्रमुख सचिव, श्रम-सेवायोजन एवं प्राविधिक शिक्षा एम. के. एस. शमुगम सुंदरम ने कहा कि केवल यूपीएससी या राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करना ही सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं है। व्यक्ति जिस भी क्षेत्र में जाना चाहता है, वहां सफलता का द्वार कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से ही खुलता है। इस दौरान उन्होंने अपनी पुस्तक ‘इंटरव्यू रिडिफाइन’ से जुड़े अनुभव भी साझा किए।
कार्यक्रम की शुरुआत में मानव प्रकाश और गौरव प्रकाश ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। यूनिवर्सल लिटरेरी एजेंसी के पार्टनर मानव प्रकाश और गौरव प्रकाश ने बताया कि यह पुस्तक सभी प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।

किताब के लेखक राजेश चंद्र मिश्र मूल रूप से मऊ जनपद के निवासी हैं और पिछले डेढ़ दशक से आजमगढ़ जनपद में पत्रकारिता दायित्व निभा रहे हैं। आजमगढ़ में शुरू के दिनों में दैनिक हिंदुस्तान में संपादकीय टीम के साथ थे और उसके बाद राष्ट्रीय सहारा दैनिक अखबार के ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम किया। पत्रकारिता व जनसंचार के छात्र रहे श्री मिश्रा ने इसके पूर्व वाराणसी सोनभद्र और कई अन्य स्थानों पर भी पत्रकारिता के क्षेत्र में काम किया है।
इस अवसर पर आईएएस अधिकारी एवं गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश सरकार मिनिस्ती एस., आईएएस अधिकारी एवं सचिव लोक निर्माण विभाग दिव्य प्रकाश गिरी, आईआरएस एवं डिप्टी कमिश्नर आयकर अरविंद चौहान, एसीपी लखनऊ पुलिस अभिषेक प्रकाश, डॉ. लुबना कमाल, वैज्ञानिक सुमित कुमार श्रीवास्तव, आजमगढ़ से आए रंगकर्मी अभिषेक पंडित, राधवेन्द्र मिश्र, अरविंद कुमार पांडे, पत्रकार रविशंकर पांडे, ज़िला पंचायत अध्यक्ष मऊ मनोज राय, सेवानिवृत प्रशासनिक अधिकारी एलआईसी रमेश सिंह, श्रीमती संध्या सिंह, अध्यापिका रेनू पांडे समेत अनेक साहित्यकार, पत्रकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


